Bihar Land Registry: बिहार में जमीन के दाम आसमान छूने वाले हैं. जमीन का एमवीआर रेट शहरी इलाके में दोगुना और ग्रामीण इलाके में 1.6 प्रतिशत बढ़ा दिया गया है. नई दरें लागू होने के बाद पटना में जमीन के दाम 3 करोड़ रुपये तक पहुंच गए हैं. फ्रेजर रोड में एक कट्ठा जमीन का सर्किल रेट पौने दो करोड़ से तीन करोड़ रुपये हो गया है.
दानापुर में डेढ़ करोड़ तक पहुंचा रेट
जानकारी के मुताबिक, पहले फ्रेजर रोड में लोगों को जमीन खरीदने के लिए एक कट्ठा के लिए 70 लाख से डेढ़ करोड़ एमवीआर रेट के आधार स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस देनी होती थी. दानापुर इलाके में अलग-अलग कैटेगरी में जमीन खरीदने पर अब 70 लाख से डेढ़ करोड़ पर स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी.
अगल-अलग कैटेगरी के अनुसार रेट तय
सूत्रों की माने तो, जमीन की अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार तय एमवीआर रेट तय किया गया है. इसमें प्रधान सड़क, व्यावसायिक मेन रोड, व्यावसायिक सहायक रोड, आवासीय सहायक मेन रोड, आवासीय सहायक रोड, कृषि की जमीन शामिल है.
अलग-अलग इलाकों में जमीन का रेट
जानकारों के अनुसार एक कट्ठे जमीन का एमवीआर रेट रामनगरी इलाके में आवासीय लगभग 1.05 करोड़, खाजपुरा में लगभग डेढ़ करोड़, अनीसाबाद में लगभग 85 लाख, न्यू मार्केट में 1.50 करोड़, रामकृष्णा नगर में लगभग 38 लाख, सिकंदरपुर नासरीगंज में लगभग 60 लाख, रामजयपाल नगर में लगभग 80 लाख रुपये होगा.
साथ ही ग्रामीण इलाकों में बिहटा इलाके में अलग-अलग कैटेगरी में एक कट्ठे जमीन का एमवीआर रेट लगभग 10 लाख से 19 लाख, मनेर में लगभग साढ़े तीन लाख से 19 लाख रुपये होगा. पटना के जिला अवर निबंधक रवि रंजन ने कहा, शहरी इलाके में एमवीआर रेट में दोगुनी और ग्रामीण इलाकों में 1.6 गुनी बढ़ोतरी की गई है. शहरी और ग्रामीण इलाकों में स्टांप ड्यूटी में एक प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है, जबकि रजिस्ट्रेशन फीस दो प्रतिशत लगेगी.
महिलाओं को मिलेगा ये फायदा
जानकारी के मुताबिक, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने महिलाओं के नाम पर होने वाली रजिस्ट्री को और किफायती बना दिया है. अगर कोई जमीन या संपत्ति विक्रय पत्र या दान पत्र के जरिये किसी महिला के नाम की जाती है, तो पहले मिलने वाली 0.3 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी की छूट को बढ़ाकर 0.4 प्रतिशत कर दिया गया है. इसके साथ ही 0.1 प्रतिशत की निबंधन शुल्क छूट पहले की तरह जारी रहेगी. इस तरह महिलाओं को अब टोटल 0.5 प्रतिशत की छूट मिलेगी.
सरकार को फायदा लेकिन लोगों का बढ़ेगा बोझ
सरकार के इस फैसले को लेकर उम्मीद है कि नई व्यवस्था से लैंड रजिस्ट्रेशन से होने वाले राजस्व में बढ़ोतरी होगी. लेकिन आम लोगों के लिए जमीन, फ्लैट खरीदना, प्लॉट की रजिस्ट्री कराना और आवासीय परियोजनाओं की लागत बढ़ना तय माना जा रहा है. इसका सबसे अधिक असर शहरों और नगर निकायों से सटे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में देखने को मिलेगा.
