बिहार में बेटियों को पढ़ाई से कारोबार तक सरकार का साथ, PhD के लिए ₹10 हजार और स्टार्टअप को ₹2 लाख

रक्षाबंधन पर बिहार सरकार ने महिलाओं और बेटियों को तीन बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने छात्राओं के लिए PhD फेलोशिप में हर महीने ₹10 हजार, स्टार्टअप शुरू करने के लिए ₹2 लाख तक की आर्थिक मदद और रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए दो दिन मुफ्त सरकारी बस यात्रा का ऐलान किया.

Bihar Government Raksha Bandhan Gifts बिहार सरकार ने रक्षाबंधन के मौके पर महिलाओं और बेटियों के लिए तीन बड़े ऐलान किए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक मजबूती को प्राथमिकता देते हुए छात्राओं को PhD के लिए हर महीने 10 हजार रुपये और रोजगार व स्टार्टअप शुरू करने के लिए 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की. सम्राट चौधरी ने कहा कि इन योजनाओं से छात्राओं को उच्च शिक्षा हासिल करने और महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि सुरक्षा के साथ शिक्षा और रोजगार महिलाओं के सशक्तिकरण की सबसे बड़ी ताकत हैं. सरकार की नई योजनाओं का उद्देश्य बेटियों को पढ़ाई, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना है.

पीएचडी करने वाली छात्राओं को आर्थिक मदद

सम्राट चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना के तहत 1,000 छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. उन्होंने कहा कि आर्थिक कारणों से कई छात्राओं को रिसर्च और उच्च शिक्षा बीच में ही छोड़नी पड़ती है. सरकार की इस योजना से उन्हें उच्च शिक्षा जारी रखने और अपने शोध को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा.

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स्टार्टअप के लिए 2 लाख रुपये तक की मदद

बेटियों और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' भी शुरू की गई है. इस योजना के तहत युवतियों को अपना व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी. सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार चाहती है कि बेटियां केवल नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली भी बनें.

महिलाओं को दो दिन मुफ्त बस यात्रा

बिहार सरकार ने महिलाओं को रक्षाबंधन के मौके पर दो दिनों तक सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की भी घोषणा की है. इससे रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं को आने-जाने में राहत मिलेगी.

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By Rajeshkumar Ojha

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