Bihar Government: बिहार के सरकारी कर्मचारियों को प्रतियोगी परीक्षा देने के लिए अब बस एक मौका ही मिलेगा. नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से आदेश जारी किया गया है. बिहार सरकार की तरफ से जारी आदेश के मुताबिक, अगर कोई सरकारी कर्मचारी एक बार से ज्यादा प्रतियोगी परीक्षा देना चाहते हैं तो उन्हें नौकरी से इस्तीफा देना पड़ेगा.
लेटर में और क्या दिया गया आदेश?
बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की ओर से जारी लेटर में इसकी वजह भी बताई गई है. लेटर में यह जिक्र किया गया है कि बार-बार प्रतियोगी परीक्षा में शामिल होने के लिए कर्मचारी परमिशन मांगते हैं. ऐसी स्थिति में सरकारी कर्मचारी की ओर से परीक्षा की तैयारी करने और बार-बार परीक्षा में शामिल होने की वजह से विभाग का समय बर्बाद होता है. इसके साथ ही विभाग के काम में बाधा भी आती है.
आगे यह भी जिक्र किया गया कि यह कहीं ना कहीं लोकहित के खिलाफ भी है. ऐसे में नगर विकास एवं आवास विभाग के पदाधिकारियों और कर्मचारियों को उनके वर्तमान पद के वेतन स्तर से उच्चतर वेतन स्तर के पद के लिए ही किसी प्रतियोगिता परीक्षा में भाग लेने का परमिशन दिया जाएगा और वह भी सिर्फ एक बार ही अवसर मिलेगा.
परीक्षा से पहले देना होगा इस्तीफा
नगर विकास एवं आवास विभाग की तरफ से क्लियर कर दिया गया है कि अगर सरकारी कर्मचारी बार-बार परीक्षा देना चाहते हैं तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा. परीक्षा देने से पहले ही उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना होगा. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा.
इससे पहले क्या था नियम?
जानकारी के मुताबिक, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में 12 दिसंबर 2022 को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि राज्य सरकार के सरकारी कर्मचारी अपने पूरे सेवा काल के दौरान बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार तकनीकी सेवा आयोग और बिहार कर्मचारी चयन आयोग की ओर से आयोजित प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिकतम पांच बार ही शामिल हो सकेंगे.
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