बिहार : हड़ताल के दौरान शिक्षकों के खिलाफ दर्ज एफआइआर होगा वापस

शिक्षा विभाग उन सभी शिक्षकों के खिलाफ दायर की गयी प्राथमिकी को वापस लेगा,जो हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल नहीं थे. विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश शुक्रवार को जारी किये हैं.

पटना : शिक्षा विभाग उन सभी शिक्षकों के खिलाफ दायर की गयी प्राथमिकी को वापस लेगा,जो हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल नहीं थे. विभाग के अपर मुख्य सचिव आर के महाजन ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के जिला पदाधिकारियों को जरूरी कार्रवाई के लिए दिशा निर्देश शुक्रवार को जारी किये हैं.

अपर मुख्य सचिव महाजन की तरफ से जारी पत्र में लिखा है कि विभाग ने निर्णय लिया है कि जिला पदाधिकारी के माध्यम से लोक अभियोजक की तरफ से न्यायालय से अभियोजन लेने का अनुरोध किया जाये. यह सभी प्राथमिकी सीआरपीसी की धारा 321 के तहत वापस ली जायेंगी. सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्राथमिकी की सूचना और दूसरे दस्तावेज उपलब्ध कराएं.

जानकारी के मुताबिक हड़ताल अवधि के दौरान वार्षिक माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षा 2020 के मूल्यांकन में सहयोग न देने, सरकारी कार्य में बाधा डालने आदि वजहों के आधार पर पर शिक्षकों, पुस्तकालयाध्यक्षों और शिक्षकेत्तर कर्मियों के बीच प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. उल्लेखनीय है कि शिक्षक संगठनों और विभागीय अफसरों के बीच हुई सहमति के तहत इस तरह की प्राथमिकी को वापस ली जानी थी. शिक्षा विभाग का यह निर्णय काफी अहम माना जा रहा है. उल्लेखनीय है कि वापस ली जा रही प्राथमिकी प्राथमिकी कई हजार शिक्षकों पर दर्ज थीं.

Posted By : Rajat Kumar

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar news desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >