Bihar News: बिहार में EOU ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण कार्य विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर गोपाल कुमार के कई ठिकानों पर शनिवार को एक साथ छापेमारी की. पटना, जमुई और ससुराल समेत कुल पांच जगहों पर हुई रेड में टीम को भारी मात्रा में कैश, सोने-चांदी के आभूषण, फ्लैट और प्लॉट से जुड़े दस्तावेज, बेनामी गाड़ी और कई अहम कागजात मिले हैं.
EOU के मुताबिक गोपाल कुमार पर अपनी ज्ञात आय से करीब 2 करोड़ रुपए से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है. एजेंसी का कहना है कि यह उनकी वैध आय से करीब 81.5 प्रतिशत ज्यादा है. इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई.
सुबह 9 बजे शुरू हुई रेड, देर शाम तक चली जांच
आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने विशेष निगरानी कोर्ट से सर्च वारंट लेने के बाद शनिवार सुबह करीब 9 बजे छापेमारी शुरू की. निगरानी डीएसपी के नेतृत्व में कई टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की.
पटना के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित फ्लैट, कंकड़बाग स्थित पैतृक घर, जमुई के किराए के मकान, झाझा स्थित कार्यालय और राजाबाजार स्थित ससुराल में तलाशी ली गई. अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान मिले दस्तावेजों से संकेत मिले हैं कि संपत्ति का दायरा और बढ़ सकता है.
फ्लैट से मिले 39 लाख से ज्यादा कैश और गहने
पटना के ज्योतिपुरम स्थित फ्लैट से सबसे बड़ी बरामदगी हुई. यहां से EOU को 39 लाख 65 हजार रुपए नकद मिले. इसके अलावा करीब 47 लाख रुपए की ज्वेलरी खरीद से जुड़े इनवॉयस भी बरामद किए गए.
जांच टीम को 424 ग्राम से अधिक सोने के जेवर मिले, जिनकी कीमत लगभग 60 लाख रुपए बताई जा रही है. इसके साथ करीब एक किलो चांदी के आभूषण भी मिले हैं. अधिकारियों को कई ऐसे दस्तावेज भी हाथ लगे हैं, जिनमें भारी कैश लेन-देन का जिक्र है.
मॉल में दुकानें और करोड़ों के निवेश के दस्तावेज
तलाशी के दौरान पता चला कि गोपाल कुमार ने पटना के सगुना मोड़ स्थित JB मॉल में दो व्यवसायिक दुकानें खरीदी थीं. इनकी कीमत करीब 70 लाख रुपए बताई जा रही है.
इसके अलावा दानापुर बाजार समिति के पास एक आवासीय भूखंड पर G+3 भवन का निर्माण कराया जा रहा है. दस्तावेजों के अनुसार जमीन की रजिस्ट्री 35 लाख रुपए में हुई, लेकिन जांच एजेंसी को 93 लाख रुपए नकद भुगतान से जुड़े कागजात भी मिले हैं.
4BHK फ्लैट और बेनामी कार की जांच
EOU को दानापुर स्थित एक 4BHK फ्लैट से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं. एजेंसी का दावा है कि इस फ्लैट के लिए करीब 80 लाख रुपए नकद दिए गए थे.
वहीं जमुई स्थित किराए के मकान से 8 लाख रुपए से अधिक कैश और एक लग्जरी कार बरामद की गई. जांच में सामने आया कि कार किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर खरीदी गई थी, लेकिन दस्तावेजों में गोपाल कुमार का मोबाइल नंबर दर्ज था. इसी वजह से एजेंसी इसे बेनामी संपत्ति मानकर जांच कर रही है.
बैंक खाते फ्रीज, LIC पॉलिसियों की भी जांच
तलाशी के दौरान तीन बैंक खातों में करीब 10 लाख रुपए जमा पाए गए. EOU ने इन खातों को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके अलावा LIC की सात पॉलिसियों से जुड़े दस्तावेज भी मिले हैं, जिनमें हर साल लाखों रुपए प्रीमियम जमा होने की जानकारी सामने आई है.
सरकारी फाइलें मिलने से बढ़ सकती है मुश्किल
छापेमारी के दौरान इंजीनियर के घर से ग्रामीण कार्य विभाग की कई सरकारी फाइलें और दस्तावेज भी बरामद किए गए. EOU का कहना है कि निजी आवास पर सरकारी दस्तावेज रखना सेवा नियमों का उल्लंघन हो सकता है. इस मामले की जानकारी विभाग को भेजी जा रही है, जिसके बाद विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो सकती है.
इंजीनियर ने आरोपों से किया इनकार
हालांकि गोपाल कुमार ने अपने ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों को खारिज किया है. उन्होंने कहा कि जमुई से मिला कैश उनकी मां के इलाज के लिए रखा गया था. वहीं पटना में बरामद रकम को लेकर उन्होंने दावा किया कि उनके पास पैसों का पूरा हिसाब मौजूद है.
अब EOU सभी संपत्तियों की बाजार कीमत, निवेश के स्रोत और बेनामी लेन-देन की गहराई से जांच कर रही है. अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं.
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