Bihar Election 2025: वोट डालते वक्त अब मोबाइल का टेंशन खत्म, बूथ पर होगी ये खास व्यवस्था

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव इस साल के अंत में होने वाला है, जिसे लेकर तैयारी जोर-शोर से चल रही है. ऐसे में मतदान केंद्र पर इस बार वोटर्स के बीच मोबाइल फोन को लेकर कोई टेंशन नहीं होगा. दरअसल, बूथ पर ही मोबाइल फोन को जमा करने की सुविधा उपलब्ध होगी.

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी जोर-शोर से हो रही है. राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ निर्वाचन आयोग की ओर से भी पुख्ता तैयारियां की जा रही है. इसी क्रम में इस बार मतदान केंद्र पर वोट डालने पहुंचे वोटर्स को खुद के मोबाइल फोन को लेकर कोई भी टेंशन नहीं होगी. दरअसल, बूथ पर ही फोन जमा करने की सुविधा होगी. निर्वाचन आयोग की ओर से वोटर्स को लेकर खास इंतजाम किए गए हैं. बता दें कि, निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को बूथ के प्रवेश द्वार से 100 मीटर की दूरी पर अनौपचारिक मतदाता पहचान पर्चियां वितरित करने के लिए बूथ स्थापित करने की अनुमति देने का भी निर्णय लिया. 

पहले इस तरह की थी व्यवस्था

वहीं, अब तक की बात करें तो, मतदान केंद्रों के प्रवेश द्वार से 200 मीटर की दूरी पर अनौपचारिक मतदाता पहचान पर्चियां बांटने के लिए बूथ स्थापित करने की इजाजत थी. निर्वाचन आयोग की माने तो, इसी साल बिहार में ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, तो ऐसे में सबसे पहले बिहार में ही ये सुधार किए जायेंगे. चुनाव आयोग की ओर से बताया गया कि, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल फोन के बढ़ते यूज और वोटिंग के दिन न केवल मतदाताओं, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और दिव्यांगों के सामने आने वाली चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए मतदान केंद्रों के ठीक बाहर मोबाइल फोन जमा करने की व्यवस्था कराने का फैसला लिया गया है.

मोबाइल फोन रहेंगे स्विच ऑफ

इधर, आयोग द्वारा बताया गया कि, ‘मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे तक ही मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति होगी. हालांकि, इस दौरान सभी के मोबाइल फोन बंद रहेंगे. प्रवेश द्वार के पास फोन रखने के लिए साधारण ‘पिजनहोल बॉक्स’ या ‘जूट बैग’ दिए जायेंगे. कोई भी बूथ के अंदर फोन नहीं ले जा सकेंगे. हालांकि, कहा गया कि, मतदान अधिकारी प्रतिकूल स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर कुछ मतदान केंद्रों को इस प्रावधान से छूट दे सकते हैं. आयोग ने स्पष्ट किया कि, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 के नियम 49एम का सख्ती से पालन जारी रहेगा. ये नियम मतदान केंद्र के भीतर मतदान की गोपनीयता सुनिश्चित करता है.

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Author: Preeti Dayal

प्रीति दयाल, प्रभात खबर डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर काम कर रहीं हैं. यूट्यूब पोर्टल सिटी पोस्ट लाइव से पत्रकारिता की शुरुआत की. इसके बाद डेलीहंट और दर्श न्यूज जैसे मीडिया संस्थानों में काम कर चुकीं हैं. डिजिटल मीडिया और कंटेंट राइटिंग में साढ़े 3 साल का अनुभव है. खबरें लिखना, वेब कंटेंट तैयार करने और ट्रेंडिंग सब्जेक्ट पर सटीक और प्रभावी खबरें लिखने का काम कर रहीं हैं. प्रीति दयाल ने पत्रकारिता की पढ़ाई संत जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से की. इस दौरान पत्रकारिता से जुड़ी कई विधाओं को सीखा. मीडिया संस्थानों में काम करने के दौरान डिजिटल जर्नलिज्म से जुड़े नए टूल्स, तकनीकों और मीडिया ट्रेंड्स को सीखा. पहली बार लोकसभा चुनाव 2024 और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 जैसे बड़े चुनावी कवरेज में काम करने का अवसर मिला. इस दौरान बिहार की राजनीति, चुनावी रणनीतियों, राजनीतिक दलों और प्रमुख नेताओं से जुड़े कई प्रभावशाली और पाठकों की रुचि के अनुसार कंटेंट तैयार किए. चुनावी माहौल को समझते हुए राजनीतिक विश्लेषण और ट्रेंडिंग मुद्दों पर आधारित खबरों को आसान और प्रभावी भाषा में तैयार करना कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है. कंटेंट रिसर्च, SEO आधारित लेखन, सोशल मीडिया फ्रेंडली कंटेंट तैयार करना और तेजी से बदलते न्यूज वातावरण में काम करना प्रमुख क्षमताओं में शामिल है. बिहार की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, सिनेमा और देश-दुनिया की महत्वपूर्ण घटनाओं पर रुचि और समझ है. टीम के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करना और समय सीमा के अंदर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करना कार्यशैली का हिस्सा है. प्रीति दयाल का उद्देश्य डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में लगातार सीखते हुए अपनी पत्रकारिता कौशल को और बेहतर बनाना और पाठकों तक विश्वसनीय और प्रभावशाली खबरें पहुंचाना है.

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