Bihar Election 2025 : पटना एयरपोर्ट से रोज उड़ेंगे 17 हेलीकॉप्टर, नेताओं की चुनावी रफ्तार आसमान पर

Bihar Election 2025 : जमीन पर अभी न प्रत्याशी तय हुए हैं, न सीटें… लेकिन आसमान में चुनावी पंख फैल चुके हैं. पटना का एयरपोर्ट इन दिनों राजनीतिक दलों का नया ‘हेलीकॉप्टर हब’ बन गया है.

Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव की औपचारिक घोषणाएं भले ही कुछ दिन दूर हों, लेकिन पटना के आसमान में राजनीतिक हलचल तेज हो चुकी है. राज्य के कोने-कोने में रैलियां करने के लिए नेताओं ने हेलीकॉप्टर और चार्टर्ड विमानों की बुकिंग शुरू कर दी है. पटना एयरपोर्ट से रोजाना 15 से 17 प्राइवेट हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे और इस बार मुकाबला केवल धरती पर नहीं, हवा में भी होगा. एयरपोर्ट अथॉरिटी ने टेक ऑफ से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्था को चुनावी मोड में बदल दिया है.

पटना के आसमान में चुनावी मौसम की हलचल अब दिखने लगी है. राजनीतिक दलों ने अभी प्रत्याशियों और सीटों की औपचारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन प्रचार के ‘हवाई जाल’ की बुनाई पूरी हो चुकी है. पटना एयरपोर्ट पर हर दिन 15 से 17 प्राइवेट हेलीकॉप्टर उड़ान भरेंगे. राज्य के कोने-कोने में चुनावी सभा करने के लिए. एयरपोर्ट पर पार्किंग की व्यवस्था से लेकर टेक ऑफ शेड्यूल तक, सबकुछ युद्धस्तर पर सेट किया जा रहा है.

चुनावी पंख’ फैलाते राजनीतिक दल, आसमान में बुक हुई सीटें

13 अक्तूबर से शुरू हो रहे चुनावी प्रचार के लिए पार्टियों ने एयरपोर्ट अथॉरिटी से हेलीकॉप्टर और चार्टर्ड विमानों की पार्किंग और उड़ान की डिमांड दर्ज कराई है. रोजाना औसतन 15 से 17 हेलीकॉप्टर उड़ने की तैयारी है. एयरपोर्ट अथॉरिटी का कहना है कि टेक ऑफ और लैंडिंग में कोई दिक्कत नहीं होती. एटीसी से अनुमति मिलते ही हेलीकॉप्टर उड़ान भर सकते हैं. असली चुनौती इनकी पार्किंग को लेकर होती है, जिसे इस बार पूरी तरह व्यवस्थित कर लिया गया है.

किसके पास कितने ‘पंख’, बीजेपी सबसे आगे

अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, बीजेपी ने छह हेलीकॉप्टर की व्यवस्था कर ली है. कांग्रेस और जेडीयू के पास दो-दो हेलीकॉप्टर हैं, जबकि राजद के पास भी दो हेलीकॉप्टर मैदान में उतरने को तैयार हैं. चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ यह संख्या और बढ़ सकती है. एयरपोर्ट अथॉरिटी भी मानकर चल रही है कि अक्टूबर के दूसरे पखवाड़े में हेलीकॉप्टरों की आवाजाही चरम पर होगी.

दो से ढाई लाख रुपये प्रति घंटे का ‘हवाई खर्च’

हेलीकॉप्टर से चुनावी सभा तक उड़ान भरना सस्ता सौदा नहीं है. प्रचार के लिए इस्तेमाल होने वाले प्राइवेट हेलीकॉप्टर और फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट पर प्रति घंटे दो से ढाई लाख रुपये का खर्च आता है. इसमें जीएसटी भी शामिल होता है. एजेंसियों के अनुसार, अलग-अलग मॉडल के हिसाब से खर्च घटता-बढ़ता है. साथ ही, किसी भी पार्टी को हेलीकॉप्टर बुक करने के लिए न्यूनतम तीन घंटे की उड़ान का चार्ज देना अनिवार्य होता है. अगर उसी दिन या अगले दिन के लिए बुकिंग की जाती है तो फ्लेक्सी फेयर के तहत अतिरिक्त राशि भी देनी पड़ती है.

एयरपोर्ट पर ‘इलेक्शन मोड’ ऑन

एयरपोर्ट अथॉरिटी ने इस बार चुनावी मौसम को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टरों की लैंडिंग और पार्किंग के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. स्टाफ की ड्यूटी और एटीसी की शेड्यूलिंग पहले से तय कर दी गई है ताकि एक साथ कई हेलीकॉप्टरों के उड़ान भरने और उतरने में कोई बाधा न आए. चुनावी रैलियों का शेड्यूल अक्सर आखिरी समय में तय होता है, इसलिए एयरपोर्ट को ‘रियल टाइम’ पर काम करना होता है.

Also Read: Patna Airport: पटना एयरपोर्ट पर एयर इंडिया एक्सप्रेस की नई दिल्ली-बेंगलुरु फ्लाइट सेवा शुरू,यात्रियों के लिए खुला खास ‘चाय प्वाइंट’ छठ और दीवाली में सफर होगा आसान

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >