Bihar Cabinet: नीतीश-मोदी की नई सौगात, बिहार में बनेगी हाई-टेक टाउनशिप, मेगा प्रोजेक्ट लॉन्च

Bihar Cabinet: बिहार सरकार ने राज्य के शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है. नई कैबिनेट बैठक में 11 शहरों में सैटेलाइट और ग्रीनफील्ड टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी गई. इस आधुनिक टाउनशिप से रोजगार, सुविधाएं और इन्फ्रास्ट्रक्चर तेजी से बेहतर होगा.

Bihar Cabinet: बिहार सरकार ने राज्य के शहरों को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि 11 शहरों में नई सैटेलाइट टाउनशिप और ग्रीनफील्ड टाउनशिप बनाई जाएंगी. इसका मतलब है कि पुराने शहरों के बाहर बिल्कुल नई, प्लांड और मॉडर्न बस्तियां विकसित होंगी. यहां लोगों के लिए बेहतर रहने, काम करने और घूमने की सुविधाएं होंगी.

लोगों को मिलगी नई सुविधाएं

सरकार की योजना के मुताबिक 9 प्रमंडलीय शहर, सोनपुर और सीतामढ़ी (सीतापुरम) को खास तौर पर विकसित किया जाएगा. इन जगहों पर नए घर, चौड़ी सड़कें, पार्क, मार्केट, दफ्तर, बेहतर पानी-बिजली की व्यवस्था, साफ-सुथरा माहौल और आधुनिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम तैयार किया जाएगा. इन टाउनशिप का मकसद है कि शहरों में भीड़ कम हो और लोगों को नए, साफ और आरामदायक इलाके मिल सकें.

क्या बोले डिप्टी सीएम

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि यह फैसला बिहार के विकास को तेज करेगा. अब बिहार को पुराने ढर्रे पर नहीं बल्कि नई तकनीक और नई सोच के साथ आगे बढ़ाया जाएगा. नई टाउनशिप बनने से नौकरी के नए मौके, व्यापार के लिए नई जगहें और निवेश के बड़े मौके पैदा होंगे. इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

सम्राट चौधरी ने पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि बिहार को आधुनिक राज्य बनाया जाए. यहां के लोगों को बाकी बड़े राज्यों की तरह सुविधा मिले. इसी दिशा में यह प्रोजेक्ट राज्य की तस्वीर बदल सकती है. जैसे-जैसे ये टाउनशिप तैयार होंगी, लोग बेहतर सड़कें, अच्छी बिजली व्यवस्था, साफ पानी और हर जरूरी सुविधा का लाभ उठा पाएंगे.

इसे भी पढ़ें: विभाग संभालते ही एक्शन में नए उद्योग मंत्री, दिलीप जायसवाल बोले- युवाओं को रोजगार देना मेरी पहली प्राथमिकता

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >