Bihar Budget: नीतीश सरकार MSP पर खरीदेगी मूंग और अरहर, किसानों की इनकम बढ़ाने पर फोकस

Bihar Budget: बिहार विधानसभा में नीतीश सरकार ने वर्ष 2025-26 का बजट पेश किया. उपमुख्यमंत्री सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने 3 लाख 17 हजार करोड़ का बजट पेश किया.

मूंग और अरहर की दाल

Bihar Budget: वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग का बजट 3528.22 करोड़ रुपये का होगा. इसमें 2802.13 करोड़ रुपये योजनाओं पर खर्च होंगे. यह राशि बजट का 2.40 फीसदी है. जबकि 726.09 करोड़ रुपये वेतन व दूसरे अन्य कार्यों पर खर्च होंगे. आगामी वित्तीय वर्ष में मिलेट मिशन, आम, मशरूम, टमाटर, आलू और प्याज का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जायेगा. राज्य में अभी 21 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों को 1289 करोड़ रुपये से आधुनिक बनाया जा रहा है. बजट में राज्य के सभी बाजार प्रांगणों को कार्यशील करने की घोषणा की गयी. अरहर, मूंग, उड़द की भी एमएसपी पर खरीद होगी. राज्य के सभी अनुमंडलों और प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज बनाये जायेंगे.

किसानों के लिए की गई प्रमुख घोषणाएं

बजट भाषण में वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के बजट में इस बार वृद्धि हुई है. उन्होंने राज्य के निरंतर विकास के लिए सीएम नीतीश कुमार और पीएम मोदी का आभार जताया. बजट में किसानों के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं. इस बजट में नीतीश सरकार किसानों की आय को बढ़ाने पर भी फोकस किया है. सरकार अब MSP पर दालों की खरीद करेगी. राज्य के 21 कृषि उत्पादन बाजार प्रांगणों के आधुनिकीकरण एवं समुचित विकास के लिए कुल 1,289 करोड़ रुपये की लागत पर योजना का कार्यान्वयन किया जा रहा है. अन्य सभी बाजार समिति प्रांगण को कार्यशील किया जायेगा.

अरहर, मूंग, उड़द की भी एमएसपी पर खरीद होगी

राज्य सरकार द्वारा नेशनल कोऑपरेटिव कन्ज्यूमर फेडरेशन (NCCF), नेफेड इत्यादि से समन्वय कर अरहर, मूंग, उड़द इत्यादि का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय करते हुए क्रय किया जायेगा. राज्य के सभी अनुमंडलों एवं सभी प्रखंडों में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना चरणबद्ध रूप से की जायेगी. प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समिति (PVCS) के उत्पाद को उचित मूल्य एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन (VEGFED) द्वारा ‘सुधा’ के तर्ज पर संयुक्त रूप से राज्य के सभी प्रखंडों में प्रखंड स्तर पर ‘तरकारी सुधा’ आउटलेट खोला जायेगा. वर्तमान में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन फेडरेशन के तहत कुल तीन संघों के अधीन अब तक कुल 302 प्रखंड स्तरीय प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जा चुका है.

रोजगार के कई अवसर भी सृजित होंगे

आगामी वित्तीय वर्ष में राज्य के शेष सभी प्रखंडों में प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों (PVCS) का गठन किया जायेगा और संघ से संबद्ध किया जायेगा. किसानों की आय में वृद्धि, पर्यावरणीय स्थिरता के साथ सतत् औद्योगिक विकास और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने तथा राज्य में रोजगार के नये अवसर विकसित करने के उद्देश्य से “बिहार खाद्य प्रसंस्करण नीति, 2025” लाई जाएगी. बिहार में खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े उद्यमों के लिए वृहत संभावना है, जिसको बढ़ावा देने में यह नीति मील का पत्थर साबित होगी. इससे राज्य में उपलब्ध कृषि उत्पादों आधारित इनपुट के लिए किसानों को अच्छा मूल्य प्राप्त हो सकेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी. इसके साथ ही, इन उत्पादों के आधार पर होने वाले मूल्य संवर्द्धन की प्रक्रिया में रोजगार के कई अवसर भी सृजित होंगे.

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लेखक के बारे में

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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