Bihar BSRTC: होली पर सरकारी बसों के फेरे बढ़ेंगे. मुजफ्फरपुर और छपरा जैसे रूट पर जो दो से ढाई घंटे की दूरी पर स्थित बसों के फेरे बढ़ाकर एक से दो और जरूरत पड़ी तो तीन तक किया जा सकता है. दरभंगा और मोतिहारी रूट में जो तीन से चार घंटे की दूरी पर है और जहां आम दिनों में बस केवल एक फेरा ही कर पाती है उसे बढ़ा कर दो कर दिया जायेगा. मधुबनी, सीतामढ़ी, पूर्णिया, किशनगंज, अररिया जैसे रूटों के लिए बसों के फेरे नहीं बढ़ाया जा सकेगा क्योंकि इन जगहों को आने जाने का रनिंग पीरियड अधिक है और एक दिन में एक फेरा से अधिक चलाना मुश्किल है.
फेरे बढ़ने से पांच रूटों में उपलब्ध होंगी 386 अधिक बसें
बीएसआरटीसी की बसों के फेरे बढ़ने से पांच रूटों में 386 अतिरिक्त बसें उपलब्ध होंगी. दरभंगा रूट में अभी 70 बसें चलायी जा रही हैं जो केवल एक बार आती जाती है. इनके दो फेरे करने पर इस रूट में 70 अतिरिक्त बसें उपलब्ध होंगी.
पटना-मुजफ्फरपुर रूट में अभी 60 बसें चल रही हैं जो दिन में दो बार आती और दो बार जाती है. इनके फेरे को बढ़ाकर तीन करने वर 60 अतिरिक्त बसों की उपलब्धता होगी. इसी तरह मोतिहारी रूट में 30 बसें चलती हैं जो दिन में केवल एक बार जाती और वापस आती है. लेकिन इनके फेर बढ़ा कर दो करने पर इस रूट में भी 30 नयी बसें उपलब्ध होंगी.
इसी तरह फेरे बढ़ा कर छपरा रूट में 22 और बिहार शरीफ रूट में 40 अतिरिक्त बसों को उपलब्ध करवाया जा सकता है. सब मिला कर भीड़ बढ़ने पर फेरे बढ़ा कर अधिकतम 386 अतिरिक्त बसों का इस्तेमाल संभव हो सकेगा जिससे अधिक भीड़ वाले रूट में लोगों को बहुत राहत मिलेगी.
दिल्ली के लिए 12, अंबाला के लिए चार और गुरुग्राम के लिए तीन बसें
बीएसआरटीसी ने होली को देखते हुए दिल्ली के लिए 12, अंबाला के लिए चार और गुरुग्राम के लिए तीन बसों का परिचालन शुरू किया है. ये सभी बसें डीलक्स श्रेणी की हैं जो एसी और अत्याधुनिक एयर सस्पेंशन जैसी सुविधाओं से लैस है. इनमें सीटर और स्लीपर दोनों श्रेणी की बसें शामिल हैं.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
प्राइवेट ऑपरेटर भी करेंगे 90 अतिरिक्त बसों का परिचालन
प्राइवेट ऑपरेटर भी 90 अतिरिक्त बसों का परिचालन करेंगे. बिहार मोटर ट्रांसपोर्ट फेडरेशन के प्रमंडलीय अध्यक्ष चंदन कुमार ने कहा कि रामाचक बैरिया से इन बसों का परिचालन होगा. इनमें सबसे अधिक उत्तर बिहार के मधुबनी, दरभंगा, मुजफपुरपुर, मोतिहारी और सीतामढ़ी जैसी जगहों के लिए खुलेंगी.
सूत्रों की मानें तो ये वैसी बसें होंगी जो परमिट की कमी या टाइम शेडयूल नहीं लेने की वजह से सामान्य दिनों में नहीं चल रही है लेकिन होली के नजदीक आते साथ भीड़भाड़ बढ़ने पर बीते वर्षों की तरह ही इनका भी परिचालन होगा.
इसे भी पढ़ें: बुडको तैयार करेगा बक्सर गंगा रिवर फ्रंट का मास्टर प्लान, बनाए जाएंगे पक्के घाट और कैफेटेरिया
