महिला आरक्षण बिल पर घमासान, पटना समेत पूरे बिहार में 20 अप्रैल को सड़क पर उतरेगी नारी शक्ति

Nari Shakti Bill: नारी शक्ति वंदन अधिनियम के संसद में पारित न होने से बिहार की महिलाओं में भारी नाराजगी है. इसके विरोध में 20 अप्रैल को पूरे बिहार में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा.

Nari Shakti Bill: पटना में भाजपा प्रदेश कार्यालय में महिला कार्यकर्ताओं की बैठक हुई. इस बैठक में लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित नहीं होने को लेकर आक्रोश देखने को मिला. बड़ी संख्या में मौजूद महिलाओं ने विपक्षी दलों पर महिला विरोधी होने का आरोप लगाया.

बैठक में तय किया गया कि 20 अप्रैल को पटना समेत पूरे बिहार में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा. इसके जरिए महिलाओं के अधिकारों को लेकर विरोध जताया जाएगा. कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई आधी आबादी के सम्मान और अधिकारों की है. इसे किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने दिया जाएगा.

जनता के बीच विपक्ष बेनकाब

बैठक को संबोधित करते हुए संजय सरावगी ने कहा कि नारी शक्ति के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वालों को जनता के बीच बेनकाब किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पार्टी सड़कों पर उतरकर इस मुद्दे पर जोरदार विरोध करेगी और विपक्ष को जवाब देगी.

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस, राजद और सपा जैसे दलों ने इस विधेयक को आगे बढ़ने से रोकने का काम किया. इन दलों के नेताओं ने विधेयक पारित नहीं होने पर खुशी भी जताई. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी और महिलाओं का गुस्सा इन दलों को झेलना पड़ेगा.

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जागरूक हो चुकी है महिलाएं- सरावगी

संजय सरावगी ने कहा कि महिलाओं का हक छीनना किसी भी दल को महंगा पड़ सकता है. उन्होंने दावा किया कि देश की महिलाएं अब पहले जैसी नहीं रहीं, बल्कि अपने अधिकारों के लिए जागरूक हो चुकी हैं और खुलकर विरोध कर रही हैं.

बैठक में यह भी कहा गया कि यह विधेयक महिलाओं के लिए बेहद अहम था और अगर यह पास हो जाता, तो लाखों महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मौका मिलता. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने इस मुद्दे को आगे बढ़ाने का प्रयास किया.

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Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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