Bihar Bhumi: बिहार सरकार राज्य की राजस्व और भूमि सुधार व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक्शन मोड में आ गई है. शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने साफ कर दिया कि सरकार की प्राथमिकता आम लोगों की जमीन संबंधी समस्याओं को जड़ से खत्म करना है. इसके लिए उन्होंने राजस्व कर्मचारियों और अंचलाधिकारियों (CO) को 31 मार्च तक का समय दिया है.
राजस्व कर्मचारियों के लिए खुशखबरी
हाल ही में हड़ताल पर गए राजस्व कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों, विशेषकर ग्रेड पे और अन्य आवश्यक सुविधाओं में बढ़ोतरी पर सरकार विचार करेगी. प्रधान सचिव सीके अनिल और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के बीच हुई बातचीत के सकारात्मक परिणाम सोमवार तक सामने आने की उम्मीद है.
विजय सिन्हा ने कर्मचारियों से अपील की है कि वे 31 मार्च तक निर्धारित विभागीय लक्ष्यों को पूरा करने में सहयोग दें. अभी सबसे बड़ा लक्ष्य 40 लाख परिमार्जन आवेदनों का निपटारा करना है. इससे किसानों के रजिस्ट्रेशन और भूमि सर्वेक्षण में काफी मदद मिलेगी.
अधिकारियों को इनाम और नई डेडलाइन
सरकार ने काम करने वाले अधिकारियों के लिए इनाम की भी घोषणा की है. उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जो अंचलाधिकारी अच्छा प्रदर्शन करेंगे और समय पर लक्ष्य पूरा करेंगे, उन्हें डीसीएलआर (DCLR) के पद पर पदोन्नति दी जाएगी. इसके लिए संबंधित फाइलें मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव तक भेजी जाएंगी.
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न्यायालयों में तेजी से होगा इंसाफ
जमीन विवादों के जल्द समाधान के लिए राज्य के सभी 101 डीसीएलआर को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने न्यायालयों में प्रतिदिन सुनवाई करें. दाखिल-खारिज के सही मामलों को अधिकतम तीन सुनवाई में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
डीसीएलआर न्यायालयों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी को 50-50 हजार रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है, ताकि वे आवश्यक किताबें और अन्य जरूरी सामान खरीद सकें. अपर समाहर्ता और प्रमंडलीय आयुक्त के स्तर पर भी लंबित मामलों को जल्द निपटाने का निर्देश दिया गया है.
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