सीओ नहीं तो बीडीओ और कानूनगो संभालेंगे कमान, बिहार सरकार ने हड़ताल का निकाला तोड़

Bihar Bhumi: बिहार में सीओ और राजस्व अधिकारियों के हड़ताल पर जाने से राजस्व के काम प्रभावित हो रहे हैं. इसे देखते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की है. अब सहायक बंदोबस्त पदाधिकारियों और कानूनगो को अंचलों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है ताकि जनता के काम न रुकें.

Bihar Bhumi: बिहार में सीओ और राजस्व अधिकारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन छुट्टी पर चले गए हैं. राजस्व कर्मचारी पहले से ही हड़ताल पर हैं. इसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है, क्योंकि जमीन से जुड़े काम और शिकायतों का निपटारा रुक गया है. लोगों को दाखिल-खारिज, जमीन मापी और अन्य जरूरी कामों के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

डिप्टी सीएम के आदेश पर विभाग ने उठाया कदम

डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के निर्देश पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने यह कदम उठाया है. विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी डीएम को पत्र भेजकर व्यवस्था संभालने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि हड़ताल के दौरान भी काम नहीं रुकना चाहिए. इसलिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

काम पटरी पर लाने की कोशिश

नई व्यवस्था के तहत अब बिहार राजस्व सेवा के दूसरे अधिकारियों को अंचल का अतिरिक्त प्रभार दिया जाएगा. इसके लिए विभाग ने कुछ अधिकारियों की सूची भी जिलों को भेज दी है. इनमें सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी, कानूनगो और अन्य राजस्व अधिकारियों को चिन्हित किया गया है. इन अधिकारियों को अलग-अलग अंचलों की जिम्मेदारी देकर काम को पटरी पर लाने की कोशिश की जा रही है.

लखीसराय जिले में भी इसी दिशा में काम शुरू हो गया है. यहां कुछ अधिकारियों को अंचल का अतिरिक्त प्रभार देने की तैयारी चल रही है. प्रशासन का कहना है कि लोगों को ज्यादा परेशानी न हो, इसके लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. फिलहाल कई जगहों पर बीडीओ को भी सीओ का प्रभार दिया गया है. अधिकारियों का मानना है कि जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी और सभी काम पहले की तरह सुचारू रूप से शुरू हो जाएंगे.

इसे भी पढ़ें: बीजेपी ने जदयू के साथ किया विश्वासघात, चुनाव के बाद बढ़ेगी महंगाई, तेजस्वी यादव बोले- यह सब तय था

क्या निशांत कुमार संभालेंगे पार्टी की कमान? जदयू अध्यक्ष ने बताया पार्टी का भविष्य

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >