Bihar Bhumi: क्या 31 मार्च के बाद बंद हो जायेगा पोर्टल, जमीन मालिकों की बढ़ेगी टेंशन, आया लेटेस्ट अपडेट

Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बिहार के जमीन मालिकों के लिए जमीन सर्वे का काम शुरू करने का फैसला लिया है. इसके लेकर बड़ा अपडेट आया है.

Bihar Bhumi: राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग (Revenue and Land Reforms Department) ने भूमि सर्वे को लेकर बड़ा अपडेट देते बताया है कि 31 मार्च के बाद भी कुछ दिनों तक पाेर्टल पर स्वघोषणा सर्टिफिकेट (Self-Declaration Certificate) और वंशावली (Vanshavali ) अपलोड की जा सकेगी.

मंत्री संजय सरागवी क्या बोले

राजस्व व भूमि सुधार मंत्री संजय सरागवी ने कहा कि 31 मार्च के बाद भी कुछ दिनों तक जमीन संबंधी स्वघोषणा के लिए पोर्टल को खुला रखा जाएगा. इस पोर्टल के माध्यम से लोग ऑनलाइन या फिर विभाग की ओर से लगाए गए शिविर में ऑफलाइन कागजात जमा कर सकते हैं.

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पोर्टल बंद करने पर निर्णय कब

संजय सरागवी ने कहा कि उच्च स्तरीय समीक्षा के बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग स्वघोषणा की अंतिम तिथि को बढ़ाने या फिर पोर्टल को बंद करने के संबंध में निर्णय लेगा. उन्होंने बताया कि अब भी स्वघोषणा के लिए बड़ी संख्या में जमीन मालिक बचे हुए हैं. कई जमीन मालिकों ने अपने पुश्तैनी जमीन का डाक्यूमेंट्स उपलब्ध नहीं होने की शिकायत की है. उन्हें ये डाक्यूमेंट्स राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं.

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कहां जमा कर सकते हैं फॉर्म

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मुताबिक जमीन मालिकों को ऑफलाइन मोड में स्व-घोषणा प्रमाण पत्र जमा करने के लिए गांव में बने सर्वे ऑफिस में जाना होगा. लेकिन, अगर आप ऑनलाइन मोड में डाक्यूमेंट्स जमा करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको भूमि सर्वेक्षण की वेबसाइट पर जाना होगा. वहां आपको डॉक्यूमेंट अपलोड करने का ऑप्शन दिखेगा. इसे अपलोड करने के बाद आपकी जमीन का अमीन, कानूनगो और अन्य कर्मचारी सर्वे करेंगे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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