Bihar Bhumi: बिहार सरकार ने नए वित्तीय वर्ष (2026-27) यानी अप्रैल से जमीन और फ्लैट के सर्किल रेट (MVR) में भारी बढ़ोतरी करने की तैयारी में है.
जिला मूल्यांकन समितियों की सिफारिशों के आधार पर यह वृद्धि 3 से 4 गुना तक हो सकती है, जिसका सीधा असर आपकी रजिस्ट्री की लागत पर पड़ेगा.
क्यों बढ़ रहा है सर्किल रेट?
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने जिला मूल्यांकन समितियों की सिफारिशों के आधार पर मिनिमम वैल्यू रजिस्टर (MVR) में संशोधन का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेज दिया है. यह कदम इसलिए उठाया जा रहा है क्योंकि पिछले एक दशक में जमीन की बाजार कीमतें तेजी से बढ़ी हैं, लेकिन सरकारी सर्किल रेट में उतना बदलाव नहीं हुआ.
ग्रामीण इलाकों में आखिरी बार 2013 और शहरी क्षेत्रों में 2016 में दरें तय हुई थीं. अब बाजार और सरकारी दरों के बीच बड़ा अंतर पैदा हो चुका है, जिसे खत्म करने के लिए यह संशोधन जरूरी माना जा रहा है.
आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर?
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि जमीन या फ्लैट खरीदते समय आपको ज्यादा स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क देना होगा. क्योंकि ये शुल्क सर्किल रेट के आधार पर ही तय होते हैं. खासकर शहरी इलाकों में इसका असर ज्यादा दिखेगा, जहां पहले से ही दरें ऊंची हैं.
हालांकि सरकार के लिए यह कदम राजस्व बढ़ाने का बड़ा जरिया बनेगा, लेकिन आम खरीदार के लिए यह खर्च बढ़ाने वाला साबित होगा.
अभी क्या करें खरीदार?
बढ़े हुए दामों से बचने के लिए लोगों में होड़ मची है. इसी भीड़ को देखते हुए सरकार ने 29 मार्च (रविवार) और 31 मार्च (महावीर जयंती) जैसी छुट्टियों के बावजूद सभी निबंधन कार्यालयों को खुला रखने का फैसला किया है. अगर आप पुराने रेट पर रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, तो अगले तीन दिन आपके पास आखिरी मौका है.
सर्किल रेट बढ़ने से न केवल जमीन महंगी होगी, बल्कि स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क के रूप में भी आपको अपनी जेब से ज्यादा पैसे खर्च करने होंगे.
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