Bihar Bhumi: उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा का राजस्व सेवा के अधिकारियों से काम पर लौटने की अपील का असर दिखने लगा है. सोमवार तक करीब 300 अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी काम पर लौट आए. इससे पहले उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि 24 घंटे के अंदर काम पर लौटने वाले अधिकारियों पर किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जाएगी.
साथ ही हड़ताल की दोनों अवधि का समायोजन भी कर दिया जाएगा. यानी इस दौरान की छुट्टियों को अलग तरीके से समायोजित कर लिया जाएगा, ताकि उन्हें ज्यादा परेशानी न हो. हड़ताल से वापस लौटने वाले अधिकारियों को तत्काल योगदान दिलाने का निर्देश सभी जिलाधिकारियों को दिया गया है. इसमें किसी प्रकार की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
19 मार्च को दी जाएगी ट्रेनिंग
राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से अंचल अधिकारियों के लिए खास ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है. विभाग की विशेष कार्य पदाधिकारी सुधा रानी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, 19 मार्च 2026 को पुराना सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में इस ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा.
यह ट्रेनिंग पटना उच्च न्यायालय में दायर सीडब्ल्यूजेसी संख्या 15455/2021 (अवधेश पांडेय बनाम बिहार राज्य एवं अन्य) में पारित अंतरिम आदेश के अनुपालन में आयोजित किया जा रहा है. इसमें अंचलाधिकारियों और प्रभारी अंचल अधिकारियों प्रक्रियाओं की जानकारी दी जाएगी.
31 मार्च तक के लिए तय किया लक्ष्य
विजय सिन्हा ने कहा था, मार्च का महीना राजस्व विभाग के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है. इस समय कई ऐसे अभियान चल रहे हैं जो सीधे जनता से जुड़े हैं. इनमें मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा, राजस्व महाअभियान और ई-मापी अभियान जैसे कार्यक्रम शामिल हैं. सरकार का लक्ष्य है कि सभी आवेदनों का समाधान 31 मार्च तक कर लिया जाए. ऐसे में अगर अधिकारी हड़ताल पर रहते हैं तो इससे आम लोगों के काम प्रभावित हो सकते हैं.
