Bihar 211 New Degree Colleges Teacher Recruitment: बिहार के राज्य विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने और हाल ही में मंजूर किए गए 211 नए डिग्री कॉलेजों में पढ़ाई-लिखाई की व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्यपाल सचिवालय ने एक बड़ा कदम उठाया है. नई व्यवस्था के तहत बिहार लोक भवन एक फिक्स्ड-टर्म के लिए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति करेगा. इसके लिए एक तीन सदस्यीय कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राज्यपाल सचिवालय को सौंप दी है, जिस पर विश्वविद्यालयों के कुलपतियों और बिहार राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से 10 दिनों के भीतर सुझाव मांगे गए हैं.
6 मुख्य विषयों में होगी नियुक्ति
शुरुआती प्रारूप के अनुसार, यह टेम्पररी नियुक्तियां मुख्य रूप से छह विषयों में की जाएंगी, जिनमें हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान और समाजशास्त्र शामिल हैं. इसका मकसद यह है कि जब तक इन 211 नए डिग्री कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की भर्ती नहीं हो जाती, तब तक बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
आवेदक के पास संबंधित विषय में कम से कम 55 प्रतिशत अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. यूजीसी नेट (NET) या इसके समकक्ष पात्रता परीक्षा पास होना जरूरी है. हालांकि, यूजीसी के नियमों के तहत पीएचडी धारकों को इस पात्रता में तय छूट दी जाएगी.
100 अंकों पर बनेगी मेरिट, प्रति सप्ताह लेनी होंगी 16 कक्षाएं
इस भर्ती के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और अभ्यर्थियों को एक पोर्टल के जरिए फॉर्म भरना होगा. चयन के लिए कुल 100 अंक तय किए गए हैं, जिसमें से 88 अंक अभ्यर्थी की एकेडमिक रिकॉर्ड के आधार पर मिलेंगे, जबकि बाकी 12 अंक इंटरव्यू और क्लास परफॉर्मेंस के लिए रखे गए हैं.
चयनित शिक्षकों को हर हफ्ते कम से कम 16 कक्षाएं लेना अनिवार्य होगा. यह नौकरी पूरी तरह अस्थायी होगी और हर कार्यकाल के बाद शिक्षकों के काम का मूल्यांकन करके आगे का फैसला लिया जाएगा. इन शिक्षकों को साल में 12 दिन का कैजुअल लीव और 8 दिन का मेडिकल लीव भी मिलेगा.
बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
13 कॉलेजों में लागू होगा एईडीपी, छात्रों को हर महीने मिलेंगे 12300
बिहार के 13 अंगीभूत महाविद्यालयों से ग्रेजुएशन करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए भी एक बहुत बड़ी खुशखबरी है. नए शैक्षणिक सत्र से इन कॉलेजों में ‘अप्रेंटिसशिप एम्बेडेड डिग्री प्रोग्राम’ (AEDP) लागू होने जा रहा है. इस प्रोग्राम के तहत पढ़ाई करने वाले छात्रों को अप्रेंटिसशिप के दौरान हर महीने 12,300 रुपये का स्टाइपेंड मिलेगा.
लोकभवन के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना को मंजूरी दी गई, जिसके लिए उच्च शिक्षा विभाग ने हैदराबाद की संस्था सीआरआइएसपी (CRISP) के साथ एक एमओयू (MoU) साइन किया है. यह एक 4 साल का डिग्री कोर्स होगा, जिसमें 75 प्रतिशत किताबी ज्ञान और 25 प्रतिशत इंडस्ट्री से जुड़ा स्किल सिखाया जाएगा. बैठक में उच्च शिक्षा सचिव राजीव रौशन और सीआरआइएसपी के स्टेट हेड बैद्यनाथ यादव भी मौजूद रहे.
इस नए प्रोग्राम के तहत छात्रों के लिए अलग-अलग फैकल्टी में कई तरह के कोर्स शुरू किए जा रहे हैं. साइंस फैकल्टी के तहत बीएन कॉलेज और कॉलेज ऑफ कॉमर्स, आर्ट्स एंड साइंस में बीएससी डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक्स तथा मगध महिला कॉलेज में बीएससी हेल्थकेयर मैनेजमेंट की पढ़ाई होगी. कॉमर्स फैकल्टी में गंगा देवी महिला कॉलेज, जेडी वीमेंस कॉलेज पटना, लक्ष्मी नारायण दूबे कॉलेज, राम सकल सिंह साइंस कॉलेज और राज नारायण कॉलेज में बीकॉम बीएफएसआइ कोर्स शुरू किया जा रहा है.
इसके अलावा जेडी वीमेंस कॉलेज, लक्ष्मी नारायण दुबे कॉलेज, राम सकल सिंह साइंस कॉलेज और भागलपुर नेशनल कॉलेज में बीकॉम रिटेल ऑपरेशन्स तथा राज नारायण कॉलेज और भागलपुर नेशनल कॉलेज में ई-कॉमर्स कोर्स चलाया जाएगा. आर्ट्स फैकल्टी की बात करें, तो लक्ष्मी नारायण दूबे कॉलेज में बीए कंटेंट एंड क्रिएटिव राइटिंग का विशेष पाठ्यक्रम संचालित किया जाएगा.
इसे भी पढ़ें: पिस्टल, फेसबुक लाइव और ताबड़तोड़ फायरिंग, जानिए भरत तिवारी एनकाउंटर की पूरी कहानी
