Bhumi Survey: ऑनलाइन जमाबंदी में हुई है गलती? अब टेंशन छू मंतर! विभाग आपके गांव में लगाएगा कैंप

Bhumi Survey: बिहार में भूमि सर्वे के दौरान कई तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं. अगर ऑनलाइन जमाबंदी में कोई अशुद्धि हुई है, तो अब रैयतों को परेशान होने की जरूरत नहीं है. विभाग ने खुद इसका उपाय निकाल लिया है. विभाग आपके गांव में कैंप लगाकर इस परेशानी को दूर करेगा. पढे़ं पूरी खबर…

Bhumi Survey: बिहार में भूमि सर्वे का काम जारी है. आए दिन रैयतों की सुविधा को देखते हुए विभाग कई निर्देश जारी करता है. हालांकि, इसके बावजूद भी रैयतों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. राज्य में डिजिटलाइजेशन के दौरान जमाबंदियों में की अशुद्धियों से लाखों रैयत परेशान हैं. अब उनके लिए राहत भरी खबर सामने आई है. जमाबंदी में हुई अशुद्धियों को दूर करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. विभाग ने बताया कि रैयतों की परेशानी को दूर करने के लिए अब जगह-जगह विशेष कैंप लगाकर इन जमाबंदियों से अशुद्धियों को दूर किया जाएगा. रजिस्टर-टू से मिलान कर जमाबंदी को सही किया जाएगा. बीते दिनों मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने अधिकारियों के साथ बैठक की. इसी मीटिंग में यह फैसला लिया गया है. इसके बाद ही प्रदेश के सभी समाहर्ताओं को इसके बारे में निर्देश जारी किया गया है.

ऑनलाइन जमाबंदी में अशुद्धियां

बता दें, भूमि सर्वे के काम में रैयतों को स्वघोषणा में अपनी जमीन का ब्योरा देना है. इसके साथ ही सभी डॉक्यूमेंट्स अपडेट रखने हैं. ऑनलाइन जमाबंदी में बड़ी संख्या में अशुद्धियां सामने आई हैं, जिनमें रैयतों के नाम से लेकर, रकबा, खाता, खेसरा आदी में गड़बड़ी शामिल हैं. इसके लिए परिमार्जन एप पर सुविधा दी गई है, लेकिन, इससे आम लोगों को पूरी तरह राहत नहीं मिली. इस वजह से विभाग ने यह फैसला लिया है.

भूमि सर्वे से जमीन की पारदर्शिता बढ़ी

बिहार में भूमि सर्वेक्षण एक ऐतिहासिक पहल साबित हो रही है, जिससे राज्य में जमीन से जुड़े वर्षों पुराने विवादों को सुलझाने में मदद मिल रही है. इस सर्वेक्षण के जरिए प्रत्येक प्लॉट की सटीक सीमाएं, स्वामित्व और उपयोग की जानकारी दर्ज की जा रही है, जिससे जमीन की पारदर्शिता बढ़ी है. पहले जहां छोटी-छोटी जमीनों को लेकर सालों तक कोर्ट-कचहरी का चक्कर चलता था, अब डिजिटल रिकॉर्ड और नक्शे के माध्यम से साफ-साफ पता चल जाता है कि जमीन किसकी है और कितनी है. इससे ग्रामीणों में भी भरोसा बढ़ा है कि उनकी जमीन सुरक्षित है.

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By Aniket kumar

अनिकेत कुमार प्रभात खबर के साथ पिछले दो वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. वे मुजफ्फरपुर समेत उत्तर बिहार के आठ प्रमुख जिलों—मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, मधुबनी, शिवहर, बेतिया और मोतिहारी—की डिजिटल टीम को लीड करते हैं. पत्रकारिता में उन्हें करीब पांच वर्षों का अनुभव है.

डिजिटल पत्रकारिता के विभिन्न आयामों की समझ रखने वाले अनिकेत वर्तमान में हाइपरलोकल पत्रकारिता पर विशेष रूप से काम कर रहे हैं. हाइपरलोकल, क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों में उनकी खास रुचि है. इससे पहले वे बिहार और उत्तर प्रदेश की राजनीतिक खबरों पर भी काम कर चुके हैं. खबरों के साथ-साथ वीडियो इंटरव्यू, वीडियो रिपोर्ट और सोशल मीडिया रील्स बनाने का अनुभव भी रखते हैं. YouTube और Instagram के कंटेंट एल्गोरिद्म और डिजिटल ऑडियंस की पसंद को समझते हुए वे खबरों को अलग-अलग डिजिटल फॉर्मेट में प्रस्तुत करने पर भी काम करते हैं.

अपने पत्रकारिता करियर में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधानसभा उपचुनाव और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को जमीनी स्तर पर कवर किया है. प्रभात खबर के साथ बिहार विधानसभा चुनाव कवरेज के दौरान उन्होंने करीब 50 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया, जहां मतदाताओं से सीधे संवाद किया और प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में चौपाल कार्यक्रम किए. नेताओं से सीधे सवाल पूछने के साथ उन्होंने जनता के बीच जाकर कई जमीनी मुद्दों को वीडियो रिपोर्ट के जरिए सामने रखा. चुनाव के दौरान अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में समय बिताने और लोगों के बीच रहकर रिपोर्टिंग करने के अनुभव उन्हें डेस्क पर खबरों को बेहतर संदर्भ के साथ समझने और प्रस्तुत करने में मदद करते हैं.

प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और न्यूजट्रैक जैसे मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुके हैं. उन्होंने शुरुआती शिक्षा मुजफ्फरपुर में अंग्रेजी माध्यम से प्राप्त की और इसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की.

बदलते मीडिया परिदृश्य और AI के दौर की पत्रकारिता को समझने में भी उनकी लगातार रुचि है. वे नए AI टूल्स और तकनीकों को सीखते हैं और उन्हें पत्रकारिता के काम में उपयोग करने के तरीकों पर लगातार प्रयोग करते रहते हैं. खाली समय में साहित्यिक किताबें पढ़ना और वीडियो बनाना उन्हें पसंद है. उनके लिए पत्रकारिता एक लगातार सीखने और बेहतर करने की प्रक्रिया है.

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