युवाओं की घटती लंबाई बढ़ाने के लिए अब बास्केटबॉल का सहारा

राज्य के युवाओं की लंबाई कम हो रही है. कई दूसरे राज्यों और राष्ट्रीय औसत से कम बिहार के युवा और युवतियों की लंबाई है.

मनोज कुमार, पटना राज्य के युवाओं की लंबाई कम हो रही है. कई दूसरे राज्यों और राष्ट्रीय औसत से कम बिहार के युवा और युवतियों की लंबाई है. तमाम मेहनत के बाद बिहार के युवा पुलिस, सेना व लंबाई की योग्यता वाली कई बहालियों में छंट जा रहे हैं. इसे स्कूल और पंचायत स्तर पर ही खेल के माध्यम से भी ठीक करने की पहल की जा रही है. मनरेगा से बन रहे खेल मैदानों को लेकर एक बार फिर से बास्केटबॉल मैदान का निर्माण कार्य जारी रखने का आदेश दिया गया है. बिहार में पुरुषों की औसत लंबाई लगभग 163.8 सेमी. और महिलाओं की 150.4 सेमी है, जबकि राष्ट्रीय औसत पुरुषों की लंबाई का राष्ट्रीय औसत लगभग 164.9 सेमी और महिलाओं की औसत लंबाई 152.6 सेमी है. इधर, मुख्य सचिव ने इसकी समीक्षा की है. उन्होंने बास्केटबॉल को लंबाई बढ़ाने में सहायक माना है. बहुत विरोध हुआ, तो नहीं बनेगा बास्केटबॉल मैदान बता दें कि मनरेगा की ओर से वॉलीबॉल, बास्केटबॉल, टेनिस और रनिंग ट्रैक अनिवार्य रूप से बनवाने का आदेश था. बास्केटबॉल मैदान बनवाने में कई तरह की अड़चनें आने के बाद इसकी जगह डिमांड के अनुसार खेल मैदान का आदेश था. जहां बास्केटबॉल मैदान नहीं बने थे, उसकी जगह जरूरत के अनुसार मैदान बनने का आदेश था. अब बहुत विरोध नहीं होने पर बास्केटबॉल मैदान ही बनेंगे. राज्यभर में मनरेगा से बनने हैं 6659 खेल मैदान राज्यभर में मनरेगा से 6659 खेल मैदानों का निर्माण किया जाना है. प्रति खेल मैदान दस लाख रुपये आवंटित किये गये हैं. इसमें 4040 स्कूलों, 16 पॉलिटेक्निक कॉलेजों और 25 राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में खेल मैदान बनाना प्रस्तावित है. इसके अलावा 2578 खेल मैदानों पर खेल मैदान बनाये जाने हैं.

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By Rakesh ranjan

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