Bankipur Bypoll Voting: रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान पार्टी के कार्यकर्ताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए हिरासत में लिया गया. उन्होंने कहा कि कई लोगों को नौबतपुर, फतुहा, कंकड़बाग और अन्य जगहों पर डिटेन किया गया और अधिकांश गिरफ्तारियां सादे कपड़ों में मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा की गईं. उनका आरोप है कि गिरफ्तार करने वाले अधिकारियों ने हिरासत का कारण भी नहीं बताया.
पीके ने की जांच की मांग
प्रशांत किशोर ने कहा, कहा कि पुलिस को अपराध, चोरी, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन इसके बजाय राजनीतिक रूप से प्रेरित कार्रवाई कर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों की जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
18 लोगों को लिया गया हिरासत में
पीके ने बताया कि कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया गया. उनके अनुसार, जक्कनपुर थाना इलाके से भी चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें 90 साल के फेकू पासवान को बाद में छोड़ दिया गया, जबकि अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. प्रशांत किशोर ने हिरासत में लिए गए कई अन्य लोगों के नाम भी गिनाए और उनकी रिहाई की मांग की.
पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
प्रशांत किशोर ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों को किस आधार पर गिरफ्तार किया गया और बाद में किन कारणों से छोड़ा गया, इसका स्पष्ट जवाब पुलिस को देना चाहिए. उन्होंने पूछा कि यदि इन लोगों ने कोई कानून का उल्लंघन नहीं किया था, तो उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया.
उन्होंने यह भी मांग की कि जिन पुलिस पदाधिकारियों ने बिना उचित आधार के लोगों को हिरासत में लिया, उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए. उन्होंने कहा कि पुलिस को अपनी कार्रवाई का आधार स्पष्ट करना चाहिए और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए.
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