Bankipur Bypoll: बांकीपुर में साख बचाने की लड़ाई , बीजेपी, राजद और जन सुराज आमने-सामने, चुनाव को लेकर तैयारी पूरी

Bankipur Bypoll: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव का प्रचार मंगलवार शाम खत्म हो जाएगा. 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी. भाजपा, राजद और जन सुराज ने प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है. अब सभी दल बूथ प्रबंधन और मतदाताओं तक पहुंचने की अंतिम रणनीति पर काम कर रहे हैं.

Bankipur Bypoll: बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए चला आ रहा चुनाव प्रचार मंगलवार शाम को पूरी तरह थम जाएगा. 30 जुलाई को होने वाले मतदान से ठीक पहले सोमवार को राजधानी पटना की सड़कों पर जबर्दस्त चुनावी सरगर्मी देखने को मिली.

भाजपा और राजद ने अपना शक्ति प्रदर्शन करते हुए सड़कों पर भव्य रोड शो निकाले, तो वहीं जन सुराज के कार्यकर्ताओं ने भी अलग-अलग इलाकों में जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों से अपने पक्ष में वोट देने की अपील की.

30 जुलाई को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक वोटिंग, 3 अगस्त को आएंगे नतीजे

बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के तहत 30 जुलाई को सुबह 7:00 बजे से लेकर शाम 6:00 बजे तक मतदान कराया जाएगा. जिला प्रशासन और निर्वाचन आयोग ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं.

सुरक्षा के कड़े इंतजाम करते हुए सभी मतदान केंद्रों पर केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है. आयोग की ओर से मतदाताओं और उम्मीदवारों के लिए जरूरी गाइडलाइंस भी जारी कर दी गई हैं. इस चुनाव के अंतिम नतीजे 3 अगस्त को मतगणना पूरी होने के बाद घोषित किए जाएंगे.

भाजपा, राजद और जन सुराज के बीच फंसा पेच

इस बार बांकीपुर का उपचुनाव एक साधारण चुनाव न होकर बेहद हाई-प्रोफाइल और त्रिकोणीय मुकाबले में बदल चुका है. मुख्य लड़ाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जन सुराज पार्टी के बीच मानी जा रही है.

भाजपा ने इस प्रतिष्ठित सीट को बचाने के लिए नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि राजद की ओर से रेखा गुप्ता एक बार फिर चुनावी मैदान में हैं. चुनावी रणनीतिकार और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर खुद पहली बार प्रत्यक्ष राजनीति में उतरकर चुनाव लड़ रहे हैं, जिससे इस सीट का मुकाबला काफी दिलचस्प और रोमांचक हो गया है.

नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई सीट

बांकीपुर विधानसभा सीट को लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी का एक अभेद्य किला माना जाता रहा है. नितिन नवीन यहां से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं. हाल ही में उनके राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद यह सीट खाली हुई थी, जिसके चलते यहां उपचुनाव कराया जा रहा है.

भाजपा जहां हर हाल में अपने इस मजबूत गढ़ पर कब्जा बनाए रखना चाहती है. राजद इस चुनाव को राज्य सरकार के खिलाफ जनमत के तौर पर भुनाने की कोशिश में है. प्रशांत किशोर की एंट्री ने एक नया विकल्प पेश किया है, जो दोनों दलों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है.

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राजनीतिक दिशा तय करेगा यह नतीजा

बांकीपुर उपचुनाव केवल एक सीट का फैसला नहीं है, बल्कि यह बिहार की भावी राजनीति और दलों की सांगठनिक ताकत की बड़ी परीक्षा है. यही वजह है कि प्रचार मैदान में सभी दलों के कद्दावर नेताओं ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी.

भाजपा प्रत्याशी के समर्थन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने लगातार सभाएं कीं. राजद नेता तेजस्वी यादव भी अपनी पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने में जुटे रहे.

प्रशांत किशोर ने भी लगातार क्षेत्र में पसीना बहाया है. अब देखना होगा कि 3 अगस्त को बांकीपुर की जनता किसे अपना प्रतिनिधि चुनती है.

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लेखक के बारे में

By परितोष शाही

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.
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