पटना: हेपेटाइटिस से बचाव के लिए जागरूकता जरूरी, एम्स पटना में सप्ताहभर चलेगा अभियान

एम्स पटना वायरल हेपेटाइटिस के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए 29 जुलाई से 4 अगस्त तक एक सप्ताहव्यापी अभियान चला रहा है. इस अभियान में हेपेटाइटिस से बचाव, जांच और उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है.

Patna News : वायरल हेपेटाइटिस जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एम्स पटना के जनरल मेडिसिन विभाग ने सोमवार को विश्व हेपेटाइटिस दिवस के अवसर पर सप्ताहव्यापी जनजागरूकता अभियान की शुरुआत की. 29 जुलाई से 4 अगस्त तक चलने वाले इस अभियान के तहत जनरल मेडिसिन ओपीडी में मरीजों और उनके परिजनों को हेपेटाइटिस की रोकथाम, जांच, टीकाकरण और उपचार संबंधी जानकारी दी जा रही है.

कार्यकारी निदेशक ने किया अभियान का शुभारंभ

अभियान का उद्घाटन एम्स पटना के कार्यकारी निदेशक प्रो. (ब्रिगेडियर) राजू अग्रवाल ने किया. इस मौके पर डीन (एकेडमिक्स) प्रो. पूनम प्रसाद भदानी, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. प्रशांत कुमार सिंह, जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति प्रकाश, प्रो. रवि कीर्ति सहित चिकित्सक, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग अधिकारी, छात्र और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे.

समय पर जांच और टीकाकरण पर दिया जोर

कार्यकारी निदेशक प्रो. राजू अग्रवाल ने कहा कि वायरल हेपेटाइटिस गंभीर लेकिन उपेक्षित बीमारी है. समय पर जांच, हेपेटाइटिस-बी का टीकाकरण, सुरक्षित जीवनशैली और सही जानकारी के माध्यम से इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है. डीन प्रो. पूनम प्रसाद भदानी ने कहा कि जागरूकता ही किसी भी बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है. वहीं मेडिकल सुपरिंटेंडेंट प्रो. प्रशांत कुमार सिंह ने कहा कि चिकित्सा संस्थानों की जिम्मेदारी इलाज के साथ लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी है.

विशेषज्ञ दे रहे रोकथाम और उपचार की जानकारी

जनरल मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. ज्योति प्रकाश ने बताया कि अभियान के दौरान विशेषज्ञ परामर्श, जागरूकता व्याख्यान, प्रदर्शनी, संवादात्मक सत्र और सूचना सामग्री के माध्यम से हेपेटाइटिस के प्रकार, संक्रमण के तरीके, जोखिम कारक, लक्षण, टीकाकरण, जांच और आधुनिक उपचार की जानकारी दी जा रही है. प्रो. रवि कीर्ति ने लोगों से किसी भी जोखिम की स्थिति में समय पर जांच कराने की अपील की.

डब्ल्यूएचओ के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर वर्ष लगभग 13 लाख लोगों की मौत वायरल हेपेटाइटिस से संबंधित बीमारियों के कारण होती है. दुनिया में 30 करोड़ से अधिक लोग हेपेटाइटिस-बी या हेपेटाइटिस-सी से संक्रमित हैं, जबकि अधिकांश को अपनी बीमारी की जानकारी तक नहीं होती. भारत में भी यह बीमारी लीवर सिरोसिस और लीवर कैंसर का प्रमुख कारण है.

2030 तक हेपेटाइटिस मुक्त भारत का संकल्प लिया

अभियान के दौरान प्रतिदिन ओपीडी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को हेपेटाइटिस-बी टीकाकरण, सुरक्षित इंजेक्शन, सुरक्षित रक्ताधान, नियमित स्वास्थ्य जांच और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है. एम्स पटना ने वर्ष 2030 तक भारत को वायरल हेपेटाइटिस मुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प भी दोहराया.


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By अजीत कुमार

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