फर्जी वेबसाइट बना कर सिपाही भर्ती के 140 अभ्यर्थियों से ठगी की कोशिश

राज्य सरकार और इससे जुड़ी संस्थाओं का फर्जी वेबसाइट बनाकर धड़ल्ले से लोगों से ठगी का क्रम जारी है.

By RAKESH RANJAN | March 23, 2025 1:10 AM

कृष्ण कुमार, पटना राज्य सरकार और इससे जुड़ी संस्थाओं का फर्जी वेबसाइट बनाकर धड़ल्ले से लोगों से ठगी का क्रम जारी है. इसी कड़ी में केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) की फर्जी वेबसाइट बनाकर विज्ञापन सं. 01/2023 की लिखित परीक्षा पीइटी के रिजल्ट में 140 अभ्यर्थियों के साथ फर्जीवाड़े की कोशिश की गयी. खुलासा होने पर फर्जी वेबसाइट पर 29 नवंबर, 2024 के बाद से गतिविधियां बंद कर दी गयी हैं. अब साइबर ठगों की नजर आगामी प्रतियाेगी परीक्षाओं पर है. इसको लेकर https://https-sarkariresult.com और https://sarkarinicresult.in का सहारा लिया जा रहा है. इसी वेबसाइट पर कई प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित फर्जी वेबसाइट बनाकर उसका लिंक साझा किया जाता है. सूत्रों के अनुसार केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) विज्ञापन सं. 01/2023 की लिखित परीक्षा पीइटी का रिजल्ट 14 नवंबर 2024 को सही और गलत दोनों वेबसाइट पर जारी हुआ. सूत्रों के अनुसार फर्जी वेबसाइट पर जारी 140 रौल नंबर वाले अभ्यर्थियों में से कुछ ठगे जा चुके हैं और कुछ से अभ्यर्थियों से ठगी की कोशिश की गयी है. इस संबंध में कई अभ्यर्थियों ने अलग-अलग माध्यमों से शिकायत भी की है. इसके बाद 29 नवंबर 2024 के बाद से इस वेबसाइट पर गतिविधियां बंद कर दी गयी हैं. इसी तरह की कई वेबसाइट बनाकर फर्जीवाड़े की कोशिश की जा रही है.रेलवे का रिजल्ट 12 मार्च 2025 को आधिकारिक रूप से जारी किया गया था. एक फर्जी वेबसाइट बनाकर साझा किया गया है. रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट rrcb.gov.in है. वहीं, रेलवे का फर्जी वेबसाइट rrbgovresult.in और rrcbgovresult.in है. इसकी पुष्टि आरआरबी पटना के चेयरमैन संजय कुमार ने की. फर्जीवाड़े और ठगी से सतर्क रहें अभ्यर्थी : अभ्यर्थियों को ठगी का शिकार होने से बचने की जरूरत है. खासकर वर्तमान में बिहार पुलिस और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस में सिपाही के 19 हजार 838 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. इसके लिए ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने की शुरुआत 18 मार्च से हो चुकी है और यह 18 अप्रैल तक चलेगी. केंद्रीय चयन पर्षद के सही वेबसाइट https://csbc.bihar.gov.in पर दी गई की सूचनाओं पर ही अमल करने की जरूरत है. पटना. साइबर अपराधियों ने कुछ वेबसाइट बिहार सरकार की वेबसाइट के जैसे मिलते-जुलते नाम से बनाये थे. इन वेबसाइटों के माध्यम से ठगी का काम पिछले एक साल से चल रहा था. पिछले दिनों प्रभात खबर में खबर छपने के बाद साइबर अपराधियों के खिलाफ एक्शन शुरू हुआ और राज्य सरकार की फर्जी वेबसाइट का लिंक गूगल सर्च से हटा दिया गया है. दरअसल, फर्जी वेबसाइट इस तरह बनाये गये थे कि गूगल में जब bihar cabinet secretariat की-वर्ड सर्च किया जाता था तो पहले नंबर पर तो बिहार सरकार की सही वेबसाइट आती थी.

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