पटना से जयमणी कुमार की रिपोर्ट
Patna Crime News : राजधानी पटना के बाढ़ के बेढ़ना पूर्वी पंचायत के मुखिया राजकुमार गोप के बासोबागी गांव स्थित घर के परिसर में हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन और पूजन की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी की. पुलिस के अनुसार, मौके से आठ आग्नेयास्त्र बरामद हुए, जिनमें चार के लाइसेंस प्रस्तुत किये गये. सत्यापन के बाद इन चार हथियारों को मुक्त कर दिया गया, जबकि दो पिस्टल, एक राइफल और एक गन को अवैध बताते हुए जब्त किया गया. पुलिस ने मौके से मुखिया के भाई रणवीर कुमार और चचेरे भाई राहुल कुमार को गिरफ्तार किया है.
घर के परिसर में हथियारों का किया जा रहा था पूजन
पुलिस के अनुसार, गुरुवार को बासोबागी गांव स्थित मुखिया के घर के परिसर में हथियारों को सजाकर पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था. इस दौरान समर्थकों की मौजूदगी में पंडित द्वारा मंत्रोच्चार के साथ हथियारों पर अक्षत और चंदन लगाया जा रहा था. हथियारों के सार्वजनिक प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घर की घेराबंदी कर छापेमारी की.
आठ आग्नेयास्त्र मिले, चार के लाइसेंस दिखाये गये
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन राइफल, एक डीबीबीएल गन, एक सिक्सर, एक .32 बोर पिस्टल और दो अन्य पिस्टल समेत आठ आग्नेयास्त्र बरामद किये. पुलिस के अनुसार, चार हथियारों के लाइसेंस प्रस्तुत किये गये. सत्यापन के बाद उन्हें मुक्त कर दिया गया. वहीं दो पिस्टल, एक राइफल और एक गन को पुलिस ने अवैध बताते हुए जब्त कर लिया. पुलिस के अनुसार, राइफल और गन विनोद कुमार के नाम से जारी थे, जिनकी करीब 15 वर्ष पहले मौत हो चुकी है. पुलिस का कहना है कि इन हथियारों को सरेंडर करने या लाइसेंस का नामांतरण कराने के बजाय इस्तेमाल किया जा रहा था. मौके से इटली निर्मित पिस्टल भी बरामद होने की बात पुलिस ने कही है.
चार लोगों को किया गया नामजद
मामले में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. इसमें रामप्रवेश गोप, उनके पुत्र एवं पंचायत के मुखिया राजकुमार गोप, राहुल कुमार और रणवीर कुमार को नामजद किया गया है. मौके से गिरफ्तार रणवीर कुमार रामप्रवेश गोप के पुत्र हैं, जबकि राहुल कुमार विनोद कुमार के पुत्र बताये गये हैं. पुलिस ने अन्य लोगों से पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया.
पिता सेवानिवृत्त रेलकर्मी, चाचा के नाम भी था हथियार
पुलिस के अनुसार, मामले में नामजद रामप्रवेश गोप रेलवे विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं. वहीं उनके भाई स्वर्गीय विनोद कुमार भी सरकारी कर्मचारी थे. पुलिस का कहना है कि उनके नाम से जारी दो हथियार बरामद हुए हैं, जिनका लाइसेंस न तो सरेंडर किया गया और न ही नामांतरण कराया गया.
पुराने विवाद का भी पुलिस कर रही पड़ताल
पुलिस और ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत में मुखिया पक्ष और पूर्व मुखिया व पड़ोसी रिश्तेदार के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है. दोनों पक्षों के बीच पूर्व में भी मारपीट और गोलीबारी की घटनाएं होने की बात सामने आयी है. हाल की एक घटना में दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में दो लोगों को गोली लगने की जानकारी भी पुलिस को मिली है. पुलिस इस पूरे विवाद और बरामद हथियारों के इस्तेमाल की भी जांच कर रही है.
मुखिया पर पहले से मामले दर्ज होने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, मुखिया राजकुमार गोप के खिलाफ पूर्व से रंगदारी, मारपीट और कब्जे से जुड़े मामले दर्ज हैं. ग्रामीणों ने भी आरोप लगाया कि वह हथियार लेकर ग्रामीण विवादों में पंचायत करते रहे हैं. हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित मामलों के रिकॉर्ड के आधार पर की जा रही है. पुलिस छापेमारी के बाद मुखिया के मौके से चले जाने की बात भी सामने आयी है. पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है.
