सूबे में खुलेगी जलीय जीव स्वास्थ्य प्रयोगशाला

जलीय जीवाें में होने वाली बीमारियों की जांच और उपचार के लिए राज्य में प्रयोगशाला खुलेगी. जलीय जीव स्वास्थ्य प्रयोगशाला इसका नाम दिया जायेगा.

संवाददाता, पटना जलीय जीवाें में होने वाली बीमारियों की जांच और उपचार के लिए राज्य में प्रयोगशाला खुलेगी. जलीय जीव स्वास्थ्य प्रयोगशाला इसका नाम दिया जायेगा. साथ ही मछलियों की आहार की गुणवत्ता की जांच के लिए भी आहार प्रयोगशाला स्थापित की जायेगी. इसके लिए स्थल का भी चयन कर लिया गया है. मात्स्यिकी महाविद्यालय मुजफ्फरपुर और पशु मत्स्य संसाधन विभाग के मत्स्य अनुसंधान केंद्र में इन संस्थाओं को स्थापित किया जायेगा. दोनों संस्थाएं पूरी तरह से सरकार की ओर से निर्मित की जायेगी. इस पर नौ करोड़ दो लाख रुपये खर्च होंगे. इसकी सौ फीसदी राशि सरकार की ओर से दी जायेगी. मछलीपालन में लोगों की रूचि बढ़ी है मत्स्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया है कि मछलीपालन में लोगों की रूचि बढ़ी है. इस कारण मछलीपालन अब आम हो गया है. इसके चलते मछली आहार की मांग बढ़ गयी है. मछली की उत्पादकता बढ़ाने के लिए पेलेटेड आहार की मांग बढ़ गयी है. बाजार में कई आहार मौजूद हैं. मगर, उनकी गुणवत्ता की जांच नहीं हो रही है. इस कारण राज्य में मछलियों के आहार की गुणवत्ता की जांच जरूरी है. इसे देखते हुए प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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