Bihar Government: सड़क दुर्घटना में घायलों को डेढ़ लाख तक कैशलेस इलाज, मदद करने वालों को भी बिहार सरकार देगी इतनी रकम
Bihar Government: सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं होगी. सरकार कैशलेस सहायता देगी और घायल को अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को 25 हजार रुपये का इनाम मिलेगा.
Bihar Government: बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों में सड़क हादसों के पीड़ितों के लिए बड़ा कदम उठाया है. अब शहरी सड़कों की तरह ग्रामीण सड़कों पर भी दुर्घटना में घायल लोगों को सरकार की ओर से तुरंत मदद मिलेगी. यह फैसला हाल ही में दिल्ली में आयोजित देशभर के परिवहन मंत्रियों की बैठक में लिया गया.
परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में योजना की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अब अस्पताल में इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की कैशलेस सहायता मिलेगी. इसका लाभ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा.
इस योजना का क्या है मुख्य उद्देश्य?
इस योजना का मुख्य उद्देश्य है ‘गोल्डन ऑवर’ में समय पर इलाज सुनिश्चित करना. दुर्घटना के तुरंत बाद इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है. खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां अस्पताल तक पहुंचने में समय लगता है, यह कदम बेहद मददगार साबित होगा.
अस्पताल पहुंचाने वाले को मिलेगा इनाम
सरकार ने राहगीरों को प्रोत्साहित करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है. सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले किसी भी मददगार या राहगीर को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा. मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि अक्सर लोग कानूनी परेशानियों के डर से मदद नहीं करते. इस योजना से लोगों में मदद की भावना बढ़ेगी और घायल व्यक्ति समय पर अस्पताल पहुंच सकेगा.
इस कदम से सिर्फ दुर्घटनाओं में मौतों की संख्या कम नहीं होगी, बल्कि लोगों में मानवीय संवेदनाओं को भी बढ़ावा मिलेगा. दुर्घटना की स्थिति में लोग भय या झंझट के बिना घायलों की मदद कर सकेंगे.
परिवहन विभाग कब लागू करेगा यह योजना?
परिवहन विभाग जल्द ही इस योजना को लागू करने की प्रक्रिया शुरू करेगा. इसका मकसद है कि आम नागरिकों तक इसका फायदा शीघ्र पहुंचे. सरकारी अस्पतालों में कैशलेस सुविधा मिलने से घायल व्यक्ति को इलाज के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ेगी.
इस योजना से ग्रामीण इलाकों में सड़क सुरक्षा और राहत दोनों में सुधार होगा. लोगों में जागरूकता बढ़ेगी और हादसों के तुरंत बाद राहत कार्य तेज होगा. सरकार का कहना है कि यह कदम बिहार में सड़क हादसों की रोकथाम और पीड़ितों की सुरक्षा दोनों के लिए अहम साबित होगा.
