Bihar Politics: टल गया अमित शाह का बिहार दौरा, दिलीप जायसवाल बोले- अब पीएम मोदी के बाद आएंगे गृह मंत्री

Bihar Politics: होम मिनिस्टर अमित शाह 15 जून को बिहार के अररिया में आने वाले थे. लेकिन, उनका यह दौरा टल गया है. बीजेपी बिहार के प्रदेश अध्यक्ष ने यह जानकारी दी है.

Bihar Politics: बिहार में इस साल होने वाले चुनाव को लेकर बीजेपी के सभी शीर्ष नेता लगातार बिहार आ रहे हैं. इसी कड़ी में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी 15 जून को बिहार के अररिया जिला में आने वाले थे. यहां होने वाले प्रोग्राम की तैयारी भी शुरू हो गई थी. इसी बीच बिहार बीजेपी के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने जानकारी दी है कि अमित शाह का दौरा टल गया है. अब वो पीएम मोदी के सिवान दौरा के बाद यहां आयेंगे. पीएम मोदी 20 जून को आने वाले हैं.

कहां होने वाली थी अमित शाह की सभा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमित शाह 15 जून को अररिया के फारबिसगंज में एक सभा को संबोधित करने वाले थे. यहां अमित शाह अररिया से सटे सात जिलों के भाजपा कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करने वाले थे जिसमें पार्टी के कार्यकर्ताओं को 2025 में 225 का मंत्र देने का प्रोग्राम था. चुनावी साल में अमित शाह का यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा था.

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29 मार्च को बिहार आये थे अमित शाह

अमित शाह इससे पहले 29 मार्च को दो दिवसीय दौरे पर बिहार आए थे. इस दिन पटना पहुंचने के बाद उन्होंने पार्टी के सांसदों, विधायकों और नेताओं के साथ मीटिंग की. बिहार चुनाव का खाका तैयार किया. इसके अगले दिन यानी 30 मार्च को पहले उन्होंने बापू सभागार में सहकारिता विभाग के कार्यक्रम का उद्घाटन किया जिसमें 532 करोड़ रुपए की योजनाओं का उद्घाटन शामिल था.

फिर दोपहर में उन्होंने गोपालगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए पूर्व सीएम लालू यादव को उनके गढ़ से ललकारा. जंगलराज पर जमकर निशाना साधा. दौरे के अंत में पटना में उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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