Patna News : राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के विशेष मॉनिटर डॉ. कन्हैया त्रिपाठी ने शनिवार को एम्स पटना का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने मरीजों की सुविधाओं, मानवाधिकार, शिकायत निवारण और संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की. उन्होंने कहा कि मरीज सिर्फ इलाज का एक केस नहीं, बल्कि संवेदनाओं और गरिमा से जुड़ा इंसान है.
मरीजों की शिकायतें संवेदनशीलता से सुनने पर जोर
डॉ. त्रिपाठी ने मरीजों और उनके परिजनों की शिकायतों को धैर्य, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ सुनकर समाधान करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि बेहतर स्वास्थ्य सेवा केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि मरीज को सम्मान, भरोसा और गरिमा देना भी उतना ही जरूरी है.
डॉक्टरों और छात्रों में मानवाधिकार जागरूकता पर चर्चा
बैठक में डॉक्टरों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच मानवाधिकारों के प्रति जागरूकता और समझ को मजबूत करने पर विशेष चर्चा हुई. संस्थान की कार्यप्रणाली में लैंगिक समानता और मानवाधिकार आधारित दृष्टिकोण को और प्रभावी ढंग से शामिल करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया.
एम्स में मानवाधिकार प्रकोष्ठ और छात्र क्लब का सुझाव
विशेष मॉनिटर ने एम्स पटना में मानवाधिकार प्रकोष्ठ स्थापित करने और विद्यार्थियों के लिए मानवाधिकार छात्र क्लब शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया. इसका उद्देश्य युवाओं में अधिकारों के साथ कर्तव्यों, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है.
मानवाधिकार जागरूकता के लिए होंगे नियमित कार्यक्रम
मानवाधिकारों की सार्वभौम घोषणा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नियमित कार्यक्रम आयोजित करने पर भी चर्चा हुई. इसके तहत मानवाधिकार सत्र, संगोष्ठी, परिचर्चा और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से लोगों तक अपने अधिकारों को जानने और दूसरों के अधिकारों का सम्मान करने का संदेश पहुंचाने पर जोर दिया गया.
सर्टिफिकेट कार्यक्रम और शोध कार्य साझा करने पर चर्चा
मानवाधिकार के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सर्टिफिकेट कार्यक्रम शुरू करने की संभावना पर भी विचार किया गया. साथ ही मानवाधिकार से जुड़े शोध पत्रों और अकादमिक कार्यों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के साथ साझा कर ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई.
साइबर सुरक्षा को बताया मानवाधिकार का महत्वपूर्ण हिस्सा
डॉ. त्रिपाठी ने साइबर स्वच्छता और साइबर सुरक्षा को मानवाधिकारों तथा संस्थागत जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया. उन्होंने मरीजों और संस्थान से जुड़ी संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ वेबसाइट पर आवश्यक और उपयोगी आंकड़ों को पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दिया.
NHRC और एम्स के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर
बैठक में एम्स पटना और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के बीच सहयोग को और मजबूत करने, एक-दूसरे की बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करने और राज्य मानवाधिकार आयोग के साथ समन्वय बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया.
इलाज के साथ मानव गरिमा को प्राथमिकता
डॉ. कन्हैया त्रिपाठी का दौरा एम्स पटना में इलाज के साथ इंसानियत, सेवा के साथ संवेदनशीलता और स्वास्थ्य सेवाओं में मानव गरिमा को प्राथमिकता देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
