बेतिया के एक मामले में अभियुक्त पति को सीधे न्यायालय से गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश
हाइकोर्ट ने एक अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए अभियुक्त पति को सीधे न्यायालय से गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश दिया है.न्यायाधीश पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने मो इरशाद कुरैशी को अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए यह निर्देश दिया . हाइकोर्ट ने कहा कि मुस्लिम कानून के तहत शादी केवल एक करार ही नहीं, बल्कि उससे बढ़कर यह पति और पत्नी के बीच एक पवित्र , रूहानी और अनमोल भावनात्मक जुड़ाव होता है .
विधि संवाददाता, पटना
हाइकोर्ट ने एक अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए अभियुक्त पति को सीधे न्यायालय से गिरफ्तार कर जेल भेजने का आदेश दिया है.न्यायाधीश पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने मो इरशाद कुरैशी को अग्रिम जमानत याचिका को खारिज करते हुए यह निर्देश दिया . हाइकोर्ट ने कहा कि मुस्लिम कानून के तहत शादी केवल एक करार ही नहीं, बल्कि उससे बढ़कर यह पति और पत्नी के बीच एक पवित्र , रूहानी और अनमोल भावनात्मक जुड़ाव होता है .
मालूम हो कि इरशाद के खिलाफ उसकी पहली पत्नी ने बेतिया स्थित न्यायालय में मुकदमा दर्ज कर आरोप लगाया था कि उसके पति ने तलाक दिए बगैर एवं उसकी रजामंदी के खिलाफ दूसरी शादी कर ली है और उसे घर से बाहर भी कर दिया है .अभियुक्त पति की अग्रिम जमानत का मामला सुप्रीम तक पहुंचा . सुप्रीम कोर्ट ने पूरे मामले पर सुनवाई कर फैसला लेने का आग्रह हाइकोर्ट से किया . हाइकोर्ट ने सुनवाई करते हुए बार -बार आरोपित पति और उसकी पहली पत्नी को सुलह करने के लिए बुलाया , लेकिन इरशाद सुलह करने की बजाय भागता रहा. कोर्ट ने पश्चिम चंपारण के एसपी को 24 अप्रैल को आदेश दिया कि आरोपित इरशाद को हाइकोर्ट में पेश कराए. गत तीन मई को जब इरशाद हाइकोर्ट के समक्ष हाजिर हुआ तो उसने न्यायालय के भीतर चिल्ला चिल्ला कर बग़ैर किसी सबूत दिखाए अपनी पहली पत्नी पर बदचलनी का आरोप लगाते हुए कहा कि वह किसी भी हालात में पहली पत्नी के साथ नहीं रहेगा . हाइकोर्ट ने इरशाद के बर्ताव पर हैरानी जताते हुए उसे कोर्ट से ही सीधा जेल भेजने का निर्देश दिया .
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