पटना : बिहार सरकार में मंत्री अब्दुल जलील मस्तान के पीएम को लेकर दिये गये आपत्तिजनक बयान के बाद बिहार विधानसभा का बजट सत्र हंगामे की भेंट चढ़ गया है. दो दिनों से सदन की कार्यवाही शुरू होती है और विपक्ष के हंगामे की वजह से स्थगित करनी पड़ती है. विपक्ष के सदस्य कभी वेल में आकर तो कभी रिपोर्ट्स टेबल को जोर-जोर से पीटकर सदन की कार्यवाही बाधित कर रहे हैं. वहीं विधान सभा अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी बार-बार सदस्यों को अपनी बात रखने की अपील कर रहे हैं, लेकिन विपक्षी सदस्य अब्दुल जलील मस्तान की बरखास्तगी पर अड़े हुए हैं. इतना ही नहीं अब विपक्ष की मांग है कि अब्दुल जलील मस्तान के खिलाफ लालू ने भी मीडिया में बयान दे दिया है कि मस्तान ने बहुत गंदा काम किया है. विपक्षी सदस्यों का यह भी कहना है कि दूसरी ओर राबड़ी ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कांग्रेस से कहा है कि इस मामले को गंभीरता से देखे. इसलिये अब सरकार को तुरंत जलील मस्तान को बरखास्त कर देना चाहिए.
वहीं जब आज दोपहर बाद दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो उसमें शामिल होने के लिये नीतीश कुमार सदन में पहुंचे और पहुंचते ही विपक्षी सदस्यों पर तंज कसा. नीतीश कुमार ने विपक्षी सदस्यों पर तंज कसते हुए कहा कि सदन में वेल में आकर बैठे सदस्यों के लिये पानी की व्यवस्था की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि दो दिनों से नारा लगाते-लगाते इनका गला सूख गया है. नीतीश के इस बयान को सदन में चुटकी के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि विपक्ष के हंगामें की वजह से सदन की कार्यवाही शुक्रवार को दो दिन तक के लिये स्थगित कर दी गयी.
