नीतीश ने महागंठबंधन विधानमंडल दल से कहा : मिलजुल कर रहिए, अगले चुनाव में आयेंगी 200 से ज्यादा सीटें
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागंठबंधन विधानमंडल दल की बैठक में तीनों दलों (जदयू-राजद-कांग्रेस) के सदस्यों से मिल कर रहने और चुपचाप काम करने की अपील की है. बिहार विधान परिषद के सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि महागंठबंधन के नेता एकजुट होकर रहें. सरकार काम कर रही है. सभी चुपचाप काम […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागंठबंधन विधानमंडल दल की बैठक में तीनों दलों (जदयू-राजद-कांग्रेस) के सदस्यों से मिल कर रहने और चुपचाप काम करने की अपील की है. बिहार विधान परिषद के सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि महागंठबंधन के नेता एकजुट होकर रहें. सरकार काम कर रही है. सभी चुपचाप काम करते रहें. इसका जो लाभ होगा उसका आकलन नहीं किया जा सकता है. अगली बार जो चुनाव होगा उसमें 200 से भी ज्यादा सीटें आयेंगी. पिछली बार की तरह प्रचार तंत्र भी नहीं होगा. अगर किसी को कोई शिकायत या फिर तकलीफ है तो सार्वजनिक रूप से बाहर बात नहीं करें. सरकार व पार्टी में ही कई फोरम हैं, जिसमें वे अपनी बात रख सकते हैं.
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ आरोप लगाना है. भाजपा के प्रवक्ताओं की वैल्यू नहीं रह गयी है. अब तो नेता ही बयान देते रहते हैं. कह रहे हैं कि सात निश्चय में कृषि रोड मैप को भूल गये. भाजपा नेताओं से आग्रह है कि अभी तीन दिनों की छुट्टी है.
समय निकाल कर राज्यपाल के अभिभाषण की कॉपी पढ़ लें. किस प्रकार धान, गेहूं व मक्का के उत्पादन में राष्ट्रीय औसत से बिहार ऊपर चला गया है. राज्य के बाहर से मछलियां भी अब नाम मात्र की ही आ रही हैं. विपक्ष तो कहता है कि शराबबंदी का नशा चढ़ गया है. इसका फायदा भी देख लेना चाहिए. मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अधिकारियों के साथ प्रश्नों को लेकर मीटिंग-ब्रीफिंग करेंगे तो विभाग की समीक्षा भी हो जायेगी. जिस विभाग के प्रश्नोत्तर काल व ध्यानाकर्षण हों, उसके वरीय पदाधिकारी सदन में हर हाल में मौजूद रहें.
विपक्ष को जवाब दें महागंठबंधन के नेता : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि विपक्ष का सच्चाई से कोई वास्ता नहीं रहता है. उन्हें सिर्फ बोलना है, तो बोलते रहते हैं. मीडिया में जो जगह लेनी होती है.सदन के बाहर बोलते रहते हैं. इसलिए महागंठबंधन के मंत्री और प्रवक्ता व पदाधिकारी जो सदन के सदस्य हैं, वे भी सदन के बाहर बोलें और विपक्ष को जवाब दें. महागंठबंधन के नेता आपस में तय कर लें कि कौन-कौन बोलेंगे. उपमुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री भी बोलें. टीवी या अखबार का स्पेस सिर्फ विपक्ष को ही क्यों मिले. उन्हें जवाब तुरंत दिया जाये. अगर हम कुछ कहेंगे ही नहीं तो विपक्ष को ज्यादा स्पेस मिलेगा. उन्होंने कहा कि इसी तरह सदन के अंदर भी प्रश्नकाल, शून्यकाल और ध्यानाकर्षण में भी महागंठबंधन के सदस्य ज्यादा से ज्यादा भाग लें और इसका स्पेस लें. विभागीय मंत्री सदस्यों को अपने विभाग के विकास का एक-दो पेज में तैयार किया गया कि-नोट्स दें, ताकि सदस्य उसके तथ्यों से अवगत हो सकें.
महागंठबंधन विधानमंडल दल की बैठक में उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने कहा कि महागंठबंधन सरकार का यह दूसरा बजट सत्र है. सदस्यगण सदन के अंदर या बाहर ऐसा कुछ न बोलें कि उससे सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़े. अगर किसी प्रकार की कोई समस्या या परेशानी हो तो उसे मुख्यमंत्री, अपने दल के नेता के सामने रखें. दूसरों को हंसने का मौका न दें. उन्होंने कहा कि सदन में सदस्यों की ज्यादा से ज्यादा उपस्थिति हो. इसके लिए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने भी पार्टी में निर्देश जारी किया है. पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि विधायक-विधान पार्षदों को सदन में रहें और विपक्ष को मुंहतोड़ जवाब दें.
एकजुटता के साथ काम करेगा महागंठबंधन : डॉ अशोक चौधरी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सह शिक्षा व आइटी मंत्री डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि महागंठबंधन की सरकार ने सात निश्चय के वादे को एक साल के अंदर धरातल पर उतारा है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर व सोशल सेक्टर में काम हुआ है. विपक्ष के मनसूबों को कामयाब नहीं होने देंगे.
विपक्ष के पास हैं अनर्गल मुद्दे : श्रवण कुमार
संंसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बजट सत्र में विपक्ष के सवालों का सत्ता पक्ष जवाब देगी. विपक्ष सिर्फ कार्यवाही भंग करने की मंशा रखेगी और उनके पास सिर्फ अनर्गल मुद्दे हैं. विपक्ष के मनसूबों को कामयाब नहीं होने देना है.