मिथिलेश
पटना : नाश करे हैं नशा पान- अब इससे दूर ही रहना है / हर घर का अब दिन बदले-हर बच्चे को अब पढ़ना है.शराबबंदी को लेकर यह नारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दिया है. एक अप्रैल से राज्य में शराबबंदी लागू होनी है. पूरे राज्य में खासकर ग्रामीण इलाके में शराबबंदी के पक्ष में जनमानस को जगाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री ने यह अपील की है. ‘हम सबकायह अभियान है नशामुक्ति पैगाम है’ के नाम से जारी मुख्यमंत्री की अपील में युवा और महिलाओं को फोकस किया गया है.
उन्होंने महात्मा गांधी के चंपारण आंदोलन की 100वीं वर्षगांठ मनाये जााने का हवाला देते हुए बिहारवासियों से शराब के खिलाफ गोलबंद होने का आह्वान किया है. मुख्यमंत्री ने अपनी अपील महात्मा गांधी की शराब के संबंध में कही गयी बातों से शुरू की है. गांधी ने कहा था, शराब से शरीर नष्ट होता है और आत्मा भ्रष्ट होती है. शराब का सेवन करनेवाला इंसान हैवान हो जाता है. मुख्यमंत्री की इस अपील को लेकर टोला सेवक, तालिमी मरकज के स्वयंसेवक, साक्षरता कार्य में लगे कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी, ममता और आशा कार्यकर्ता घर-घर दस्तक देंगे.
मुख्यमंत्री ने अपील की है कि शराबबंदी को लेकर बिहार ने फिर संकल्प लिया है. दृढ़ निश्चय किया है. हम चरणवार आगे बढ़ेंगे. नयी उत्पाद नीति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि देशी और मसालेदार शराब की बिक्री और उसके बनने पर पूर्णत: रोक रहेगी. उन्होंने लिखा है, शराब की बिक्री से होनेवाली आय से ज्यादा मूल्यवान हमारे नागरिकों की सेहत है.
21 जनवरी, 2016 को मद्यनिषेध अभियान की शुरुआत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिहार जो एक बार ठान लेता है, उसे पूरा कर देता हे. उन्होंने सामूहिक रूप से संकल्प लेने की उम्मीद जाहिर करते हुए कहा है कि लोग अपनी बहू- बेटी और मा-बहनों की सम्मान के लिए और बाल -बच्चों के भविष्य के लिए शराब से दूर रहेंगे. उन्होंने इसके लिए खास तौर पर युवा वर्ग और महिलाओं से आगे आने तथा सरकार के शराबबंदी अभियान में साझीदार होने की अपील की है.
किये गये हैं ये उपाय
एक अप्रैल, 2016 से देशी व मसालेदार शराब पर पूर्ण प्रतिबंध
सार्वजनिक जगहों पर शराब पीने या बेचने पर 10 साल की सजा, साथ ही पांच लाख रुपये तक का जुर्माना भी
सिर्फ नगर निगम व नगरपालिका क्षेत्रों में सरकारी दुकानों पर बिकेगी अंगरेजी शराब
