Cyber Crime : पटना में जमीन का विकास कर उस पर बहुमंजिली इमारत बनाने का झांसा देकर रियल एस्टेट प्रमोटर से 3.60 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है. इस संबंध में सोनपुर निवासी रियल एस्टेट प्रमोटर दिनेश कुमार सिंह ने श्रीकृष्णापुरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. मामले में भारती, मुन्नी देवी, मोहित, विकास, अनु कुमार समेत अन्य को नामजद आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.
20 बीघा जमीन बताकर चार करोड़ में हुआ था समझौता
दिनेश कुमार सिंह ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि भारती नामक व्यक्ति ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और जमीन के जाली कागजात तैयार किए. इसके बाद पाटलिपुत्र जंक्शन के पास करीब 20 बीघा जमीन होने की बात बताकर उस पर विकास कर बहुमंजिली इमारत बनाने का प्रस्ताव दिया गया. आरोपित ने दावा किया कि जमीन उसके रिश्तेदारों की है और वे इसे बहुमंजिली इमारत के निर्माण के लिए देना चाहते हैं.
अलग-अलग किस्तों में ट्रांसफर कराए पैसे
शिकायत के अनुसार, भारती ने कुछ अन्य लोगों को जमीन का मालिक बताकर उनसे मुलाकात भी कराई. बातचीत और आपसी सहमति के बाद जमीन के लिए कुल चार करोड़ रुपये की नॉन-एडजस्टेबल राशि देने का समझौता हुआ. इसके बाद दिनेश कुमार सिंह ने अलग-अलग किस्तों में बैंक ट्रांसफर और नकद के माध्यम से 3.60 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया.
जमीन की नापी और कब्जे की बात पर टालमटोल
रकम का भुगतान होने के बाद जब जमीन की नापी कराने और दखल-कब्जा देने की बात शुरू हुई तो भारती और उसके सहयोगी मामले को टालने लगे. इसके बाद दिनेश कुमार सिंह को संदेह हुआ और उन्होंने जमीन तथा कथित मालिकों के संबंध में जानकारी जुटाई. जांच में पता चला कि जिन लोगों को जमीन का मालिक बताकर उनसे मुलाकात कराई गई थी, वे कथित तौर पर फर्जी थे.
जाली दस्तावेज से ठगी करने का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि भारती और उसके सहयोगी संगठित तरीके से जाली दस्तावेज तैयार कर लोगों को जमीन बेचने अथवा उस पर बहुमंजिली इमारत बनाने का झांसा देकर ठगी करते हैं. श्रीकृष्णापुरी पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज किए जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है. जांच के दौरान दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और आरोपितों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है.
