चार साल के आइटीइपी संचालन के लिए बिहार से 180 से अधिक संस्थानों ने किया है आवेदन

फोर इयर इंटिग्रेटिड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीइपी) की पढ़ाई 2026 में राज्य के कई कॉलेजों में शुरू हो जायेगी.

-एनसीटीइ ने कहा है कि इस बार देश भर से 763 संस्थानों ने आइटीइपी के लिए किया है आवेदन

-2025 सत्र के लिए केवल 150 संस्थानों को ही अनुमति दी जायेगी

संवाददाता, पटना

फोर इयर इंटिग्रेटिड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीइपी) की पढ़ाई 2026 में राज्य के कई कॉलेजों में शुरू हो जायेगी. चार साल के इंटिग्रेटिड बीएड प्रोगाम के लिए इस बार 2025 के लिए पूरे देश से 763 संस्थानों ने आवेदन किया है. एनसीटीइ उन आवेदनों के आधार पर संस्थानों और सीटों की संख्या तय करेगा. बिहार से भी काफी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए हैं. सबसे अधिक आवेदन बिहार और यूपी से प्राप्त हुए हैं. एनसीटीइ के सूत्रों ने बताया की 180 के आसपास बिहार के संस्थानों ने भी आवेदन किया है. आवेदन की जांच की जायेगी. टीचिंग कोर्स चलाने के लिए राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीइ) से अनुमति लेनी होती है. एनसीटीइ के सूत्रों ने बताया कि मान्यता देने की प्रक्रिया काफी तेजी से पूरी की जा रही है. 2025 सत्र के लिए 150 संस्थानों को यह मंजूरी मिलने का अनुमान है. इस बार इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (आइटीइपी) में नौ हजार से अधिक सीटों पर इस बार एडमिशन होगा. 2024-25 तक 64 टीचिंग संस्थानों में यह कोर्स चलता था और इस बार फोर इयर कोर्स के लिए काफी दूसरे संस्थानों के आवेदन आये हैं.

एनटीए के टेस्ट में 44927 स्टूडेंट्स हुए शामिल

चार वर्ष के टीचिंग कोर्स के लिए नेशनल कॉमन एंट्रेंस टेस्ट का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) कराता है. इश बार 54,470 कैंडिडेट्स ने आवेदन किया और 44,927 स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया है. अभी आइटीइपी चार आइआइटी, छह एनआइटी, 21 सेंट्रल यूनिवर्सिटी, 18 स्टेट यूनिवर्सिटी और 12 राज्य सरकारी कॉलेजों में यह कोर्स चल रहा है. अभी 6100 सीटें हैं, जिसे 2025 में बढ़ा कर नौ हजार से अधिक करने की योजना है. चार साल के बीएड कोर्स देश के चार आइआइटी खड़गपुर, भुवनेश्वर, रोपड़ और जोधपुर में कर सकते हैं. इसके अलावा एनआइटी तमिलनाडु में बीए-बीएड कोर्स है और पांच एनआइटी में बीएससी बीएड कोर्स है.

दो साल के बीएड की मान्यता देना किया बंद

एनसीटीइ ने 2024 से दो वर्षीय बीएड कोर्स की मान्यता देना बंद कर दिया है. यानी अब दो साल के बीएड कोर्स के लिए परमिशन नहीं मिलेगी. इसके बजाय, चार वर्षीय बीएड कोर्स को मान्यता दी जायेगी. इसी कारण 2025 में 763 संस्थानों ने चार वर्षीय बीएड कोर्स संचालित करने के लिए आवेदन दिया है. अब सभी संस्थानों को 2030 तक चार वर्षीय बीएड कोर्स के लिए मान्यता लेनी होगी. इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम लागू होने से दो वर्षीय बीए-बीएड और बीएससी-बीएड को बदल देगा. यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार किया गया है, जिसका उद्देश्य शिक्षक शिक्षा को और अधिक मजबूत करना है. हालांकि, एनसीटीइ ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र से एक वर्षीय बीएड और एमएड कोर्स फिर से शुरू करने की घोषणा की है.

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By ANURAG PRADHAN

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