Bihar Regiment Centre : बिहार रेजीमेंट केंद्र, दानापुर में 15वीं बिहार बटालियन का 47वां स्थापना दिवस मनाया गया. इस अवसर पर बटालियन के गौरवशाली इतिहास को याद किया गया और रेजिमेंट के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई.
15वीं बिहार बटालियन की स्थापना 1 सितंबर 1980 को लेफ्टिनेंट कर्नल दयानंद मलिक के नेतृत्व में दानापुर कैंट में की गई थी. इसके बाद 24 फरवरी 1982 को बटालियन के कैप्टन आरएस बुचे ने तत्कालीन सेना प्रमुख जनरल केवी कृष्ण राव, पीवीएसएम से बटालियन का ध्वज प्राप्त किया था.
देश की सुरक्षा में दिया महत्वपूर्ण योगदान
स्थापना के बाद से अब तक 15वीं बिहार बटालियन ने युद्ध और शांति काल में कई उल्लेखनीय कार्य किए हैं. बटालियन ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इसके लिए वर्ष 2017 और 2023 में क्रमशः उत्तरी कमान और मध्य कमान के सेना कमांडरों की ओर से यूनिट प्रशंसा पत्र से भी सम्मानित किया जा चुका है.
बटालियन के वीर बिहारी सैनिकों ने विभिन्न मौकों पर अदम्य साहस और शौर्य का प्रदर्शन करते हुए दुश्मनों के दांत खट्टे किए हैं. अपने प्रदर्शन को लगातार ऊंचा रखते हुए बटालियन ने सेना में अपनी अलग पहचान बनाई है.
वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
स्थापना दिवस के मौके पर असम राइफल्स के अतिरिक्त महानिदेशक सह कर्नल ऑफ द रेजिमेंट मेजर जनरल जय सिंह बैंसला (एसएम) ने रेजिमेंट के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की.
इस अवसर पर रेजिमेंट के कमांडेंट ब्रिगेडियर राकेश कुमार बोरा, ग्रुप कैप्टन मृणाल रंजन, कमांडिंग ऑफिसर, 6 एयर फोर्स स्क्वॉड्रन, लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक कुमार सिंह, फ्लाइट लेफ्टीनेंट पंकज, सूबेदार मेजर (मानद लेफ्टीनेंट) नवीन कुमार, सूबेदार मेजर (मानद लेफ्टीनेंट) प्रकाश चन्द्र अरिसल, सूबेदार मेजर नवल कुमार और सूबेदार रजनीश रमन समेत 6 एयरफोर्स स्क्वाड्रन और रेजिमेंट के कई जेसीओ व जवान मौजूद थे.
वंदे मातरम् और रेजिमेंटल गीत से गूंजा परिसर
कार्यक्रम के दौरान सेना बैंड ने ‘वंदे मातरम्’ और रेजिमेंटल गीत की प्रस्तुति दी. बैंड की प्रस्तुति से पूरा वातावरण देशभक्ति और श्रद्धा से भर गया. स्थापना दिवस के मौके पर जवानों और अधिकारियों ने बटालियन के गौरवशाली इतिहास और देश की सेवा में दिए गए योगदान को याद किया.
