पटना : बजट को लेकर अपनी-अपनी राय

उद्योगों को पुनर्जीवित करने को विकास निधि का हो गठन पटना : उद्योगों के लिए आधारभूत संरचना के विकास एवं बीमार उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए औद्योगिक विकास निधि के गठन करने की जरूरत है. साथ ही उद्योग विभाग का बजट 2000 करोड़ रुपये किया जाये, जिससे उद्योगों के पूर्व के क्लेमों का निबटारा […]

उद्योगों को पुनर्जीवित करने को विकास निधि का हो गठन
पटना : उद्योगों के लिए आधारभूत संरचना के विकास एवं बीमार उद्योगों को पुनर्जीवित करने के लिए औद्योगिक विकास निधि के गठन करने की जरूरत है. साथ ही उद्योग विभाग का बजट 2000 करोड़ रुपये किया जाये, जिससे उद्योगों के पूर्व के क्लेमों का निबटारा किया जाये सके. ये बातें बिहार चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष पीके अग्रवाल ने शुक्रवार को प्रभात खबर से विशेष मुलाकात में कहीं.
उन्होंने कहा कि औद्योगिक भूमि की आवश्यकता को पूरा करने के लिए राज्य के प्रत्येक जिले या दो-तीन जिलों को मिला कर एक औद्योगिक क्षेत्र का आवश्यक रूप से निर्माण कराया जाये. साथ ही इसके लिए लैंड बैंक बनाया जाये.
पर्यटन स्थल का मिले दर्जा : उन्होंने कहा कि सूबे में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह जरूरी है कि पावापुरी, काकोलत, विक्रमशिला, नंदनगढ़, केसरिया, बराबर की गुफा, सीतामढ़ी को पर्यटन स्थल का दर्जा दिया जाना चाहिए. इसके अलावा निर्यात के लिए एक सहयोगी संस्था का गठन करने की आवश्यकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >