पटना : नालंदा खुला विश्वविद्यालय (एनओयू) के स्नातक व स्नातकोत्तर के छात्र-छात्राओं को स्टडी मेटेरियल (नि:शुल्क मिलने वाली पाठ्यपुस्तकें) नहीं मिल रही हैं. इसकी वजह से न काउंसेलिंग क्लास का शेड्यूल जारी किया जा रहा है, न ही परीक्षा की तिथि जारी की जा रही है. स्टडी मेटेरियल के लिए छात्र एनओयू का चक्कर लगा रहे हैं लेकिन स्टडी मेटेरियल उपलब्ध नहीं होने से मजबूर होकर वे लौट जा रहे हैं. स्टडी मेटेरियल नहीं मिलने से छात्रों को पढ़ाई लिखाई में काफी परेशानी हो रही है. साथ ही असाइनमेंट बनाने में भी परेशानी हो रही है.पहले ही दो महीने लेट हो चुका है सत्र : सत्र करीब दो महीना लेट हो चुका है. अगर जल्द ही इसका हल नहीं निकाला गया, तो इसमें और भी देरी हो सकती है. बिना किताबों के काउंसेलिंग क्लास भी नहीं करायी जा सकती है.
एसएसआर अपलोड नहीं हुई, तो मान्यता पर संकट
नालंदा खुला विश्वविद्यालय में नैक को लेकर रफ्तार धीमी चल रही है. अब तक कोई कमेटी नहीं बनी है. न ही कोई तैयारी चल रही है. जबकि नैक अब मान्यता के लिए जरूरी है.
अगर नैक नहीं मिलता है, तो नये सत्र में नामांकन लेना मुश्किल हो जायेगा. क्योंकि बिना नैक ग्रेड के एनओयू अब कोर्स संचालित नहीं कर पायेगी. एनओयू की लाइब्रेरी की स्थिति काफी खराब है. लैब भी दुरुस्त नहीं हैं. कंप्यूटर सेंटर में पुराने कंप्यूटर ही चल रहे हैं. अपना भवन नहीं होना तो समस्या है ही. हालांकि 40 एकड़ जमीन एनओयू को मिली हुई है, लेकिन भवन नहीं बना है. विवि में जगह की भारी कमी है. इन सबको देखते हुए एनओयू की स्थिति दयनीय ही दिख रही है और जल्द कुछ नहीं किया गया, तो विवि की मान्यता पर ही संकट के बादल छाये हुए हैं.
एक महीने में आयेगा किताबों का स्टॉक
कुछ तकनीकी कारणों से परेशानी हो रही है, लेकिन जल्द ही इसका हल निकाल लिया जायेगा. एक महीने के भीतर किताबों का स्टॉक आ जायेगा. इसके बाद परीक्षा का शेड्यूल भी जारी कर दिया जायेगा.
संजय कुमार, रजिस्ट्रार (परीक्षा), एनओयू
