पटना : पटना जिले में जिला पर्षद की करोड़ों रुपये कीमत की जमीन पर अतिक्रमण हैं. खगौल, मसौढ़ी, पालीगंज, मनेर, बख्तियारपुर आदि तमाम जगहों पर जिला पर्षद की जमीनों पर अवैध रूप से दुकान व झोपड़पट्टी बसी हुई है. लेकिन अब उन जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद बाउंड्री कराने के लिए अभियान चलाया जायेगा. उक्त अभियान चलाने के प्रस्ताव को पटना जिला पर्षद की मंगलवार को पटना समाहरणालय के पूर्व शिक्षा कार्यालय भवन सभागार में आयोजित विशेष बैठक में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. इसके साथ ही जिला पर्षद का अपना भवन खगोल में बनाने का भी प्रस्ताव पास किया गया.
जिला पर्षद की अध्यक्ष अंजु देवी के बैठक में नहीं पहुंचने के कारण अध्यक्षता जिला परिषद की उपाध्यक्ष ज्योति सोनी ने की. इस दौरान विधायक सिद्धार्थ सिंह व विधान पार्षद रामचंद्र भारती मौजूद थे. फतुहा विधायक रामानंद यादव पहुंचे, लेकिन बैठक में शामिल नहीं हुए.
खास बात यह है कि मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी सह पटना जिला के डीडीसी सुहर्ष भगत के बैठक में नहीं पहुंच पाने के कारण डीआरडीए के निदेशक मनन राम ने कार्यभार संभाला और तमाम प्रस्तावों को पेश किया. बैठक का समय 12 बजे प्रस्तावित था, लेकिन कुल 101 सदस्यों में से एक तिहाई सदस्य दो बजे तक पहुंचे थे. जिसके कारण बैठक देर से शुरू हुई. 38 जिला पार्षद उपस्थित थे. जिला पर्षद के कोष में फिलहाल 15 करोड़ रुपये हैं.
वित्तीय वर्ष 2018-19 में पंचम राज्य वित्त आयोग मद में प्राप्त राशि का व्यय करने के लिए क्षेत्रीय संतुलन व बहुमत के आधार पर राशि का समानुपातिक ढंग से आवंटन की स्वीकृति को लेकर विशेष बैठक नौ माह बाद बुलाई गयी थी. बैठक में इसकी स्वीकृति प्रदान कर दी गयी. इसके साथ ही कई अन्य प्रस्ताव पर भी मुहर लगी. बैठक के दौरान पुलिस टीम भी अध्यक्ष अंजु देवी को खोजने के लिए सिविल ड्रेस में पहुंची थी. अंजु देवी ने बैठक को अवैध बताया है.
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की डीपीआर को मिली मंजूरी : बैठक के दौरान ग्रामीण विकास कार्य विभाग की प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना फेज दो की डीपीआर का प्रस्ताव पास किया गया. इसके साथ ही जिला पार्षद, सरपंच व मुखिया को ट्रेनिंग देने पर भी मुहर लगायी गयी. जिला पर्षद के काम के लिए मानदेय पर कर्मियों की नियुक्ति करने, शिक्षक नियोजन को सही ढंग से संपन्न कराने व डाकबंगला में केयर टेकर की तैनाती करने का भी निर्णय लिया गया.
