पटना : यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर दो दिवसीय हड़ताल का पूरे बिहार में दूसरे दिन भी व्यापक असर रहा. इससे करीब 7500 करोड़ का बैंकिंग ट्रांजेक्शन प्रभावित हुआ. दो दिवसीय बैंक हड़ताल का असर शनिवार को एटीएम में साफ दिखा. शहर के मुख्य बाजारों में 70 फीसदी एटीएम लगभग खाली हो गये. तीन दिनों तक बैंक बंदी के कारण शनिवार को दिन भर एटीएम में कैश नहीं डाला जा सका, ऐसे में रविवार को एटीएम में कैश का संकट बढ़ेगा.
31 जनवरी और एक फरवरी को सभी बैंककर्मी हड़ताल पर रहे. इसके कारण शनिवार को भी सूबे के सभी सार्वजनिक बैंकों में ताले लटके रहे. हड़ताली कर्मचारी शनिवार को भी स्टेट बैंक के स्थानीय प्रधान कार्यालय के समक्ष शाम तक धरने पर बैठे रहे और नारेबाजी कर विरोध-प्रदर्शन किया. यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने संयाेजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि हड़ताल पूरी तरह सफल रही. उन्होंने कहा कि आगे 11, 12 और 13 मार्च को तीन दिवसीय हड़ताल की जायेगी.
स्टेट बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के महासचिव अजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि स्टेट बैंक सहित अन्य बैंकों के एटीएम में शाम तक कैश समाप्त हो गया. इस तरह की जानकारी उन्हें शहर के कई स्थानों से भी मिली है. हड़ताल की वजह से शुक्रवार, शनिवार को एटीएम में कैश डालने का काम पूरी तरह से बंद हो गया है. रविवार होने के कारण भी बैंक बंद रहेंगे. इस कारण सोमवार को देर शाम तक एटीएम से कैश निकालने के लिए जद्दोजहद करना होगा.
