मुख्यमंत्री के समक्ष बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली-2020 के प्रारूप का प्रेजेंटेशन
पटना : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि आपदा प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण संतुलन भी जरूरी है. इसे ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक पहलू पर काम करना चाहिए.
उन्होंने अाग से बचाव के लिए फायरब्रिगेड को पानी की व्यवस्था करने के लिए इसे जल-जीवन-हरियाली अभियान से लिंक करने का निर्देश दिया. कहा कि सार्वजनिक तालाब, पोखरों और अन्य जल स्रोतों के माध्यम से पानी की आवश्यकता को पूरी की जा सकती है. विपरीत परिस्थिति में ही फायरब्रिगेड को ग्राउंड वाटर (भू-जल) का प्रयोग करना चाहिए. मुख्यमंत्री के समक्ष बुधवार को मुख्यमंत्री सचिवालय के संवाद में बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली-2020 के प्रारूप का प्रेजेंटेशन दिया गया. इस दौरान उन्होंने कहा कि अाग से जीवन सुरक्षा के उपायों के लिए अग्निशमन सेवा की व्यवस्था की गयी है.
बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यासजी, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य पीएन राय, बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य उदयकांत मिश्रा, प्रधान सचिव स्वास्थ्य संजय कुमार, वित्त विभाग के प्रधान सचिव एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, सचिव, नगर विकास एवं आवास आनंद किशोर, अनुपम कुमार, समादेष्टा गृह रक्षा वाहिनी चंदन कुमार कुशवाहा, सहायक राज्य अग्निशमन पदाधिकारी राशिद जमां व अन्य अधिकारी मौजूद थे.
फायरब्रिगेड को पानी की व्यवस्था के लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान से करें लिंक
फायरब्रिगेड एवं होमगार्ड के महानिदेशक आरके मिश्रा ने अग्निशमन सेवा संबंधित एक दूसरा प्रेजेंटेशन दिया. राज्य अग्निशमन पदाधिकारी-सह-पुलिस उप महानिरीक्षक पंकज सिन्हा ने विस्तृत जानकारी में फायर स्टेशनों की विवरणी, आधारभूत संरचना, पदों की स्थिति, प्रशिक्षण, अग्निशमन वाहन या उपकरणों की विवरणी, फायर अॉडिट, वर्ष 2019 के अग्निकांडों की माहवार संख्या समेत अन्य जानकारी दी.
नियमावली के प्रावधान को 7 अध्यायों में विभाजित किया गया
इस नियमावली के सभी प्रावधानों के बारे में गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने विस्तार से जानकारी दी. इस प्रावधान को सात अध्यायों में विभाजित किया गया है, जिनमें परिभाषाएं, स्थापना एवं प्रशासन, अनुशासन, कर्तव्य एवं दायित्व, संगठनात्मक संरचना, फीस, अग्नि सुरक्षा एवं निवारण एवं अनुसूची का जिक्र है. आग से बचने और सुरक्षा के उपाय, अग्नि अंकेक्षण, अग्नि इंजीनियरिंग कोषांग का गठन, पद सृजन, वेबसाइट्स पर अग्निशमन प्रतिवेदन प्रकाशित करने के प्रावधान संबंधित कई बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गयी. इस दौरान सभी सरकारी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा के लिए किये जा रहे उपायों से संबंधित बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से तैयार की गयी एक वीडियो फिल्म भी प्रदर्शित की गयी.
नये नियमों से पावरफुल होगी फायरब्रिगेड, कैबिनेट की मुहर जल्द
अग्निसुरक्षा के नियमों का कड़ाई से पालन कराने के लिए बिहार फायर सर्विस रूल तैयार कर लिया गया है. गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएं के अधिकारियों ने बुधवार को सरकार के साथ इस पर चर्चा की.
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कैबिनेट की मंजूरी के बाद विभाग के अधिकारियों को नियमाें का पालन नहीं करने वालों पर सीधे कार्रवाई की शक्ति मिल जायेगी.राज्य में फायर सेफ्टी के लिए 2014 का जो एक्ट है उसमें नियमों का पालन नहीं करने वालों पर कार्रवाई का अधिकार नहीं है. ऑडिट कर नोटिस जारी करने तक का अधिकार है. नोटिस के बाद भी फायर सेफ्टी की अनदेखी करने वाले भवन स्वामियों पर कार्रवाई कराने के लिए विभागीय अधिकारी एसडीओ पर निर्भर हैं.
