पटना : बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन सड़क बनने का रास्ता साफ हो गया है. इसे बनाने वाली एजेंसी आर्थिक तंगी से जूझ रही थी. पथ निर्माण विभाग ने उसकी मदद का निर्णय लिया है. इस संबंध में एनएचएआइ की वन टाइम फंड इनफ्यूजन पॉलिसी की तर्ज पर एक प्रस्ताव राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया है. वहां से स्वीकृति मिलते ही एजेंसी को आर्थिक मदद कर निर्माण कार्य शुरू किया जायेगा.
बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन के निर्माण में आयेगी तेजी
पटना : बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन सड़क बनने का रास्ता साफ हो गया है. इसे बनाने वाली एजेंसी आर्थिक तंगी से जूझ रही थी. पथ निर्माण विभाग ने उसकी मदद का निर्णय लिया है. इस संबंध में एनएचएआइ की वन टाइम फंड इनफ्यूजन पॉलिसी की तर्ज पर एक प्रस्ताव राज्य कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा गया […]

इसे बनने से उत्तर और दक्षिण बिहार के लोगों को सड़क यातायात की सुविधा में बढ़ोतरी होगी. सूत्रों का कहना है कि बख्तियारपुर-ताजपुर फोरलेन सड़क परियोजना में भूमि अधिग्रहण और निर्माण एजेंसी की आर्थिक तंगी की वजह से काम रुक गया था. यह परियोजना वर्ष 2011 में शुरू हुई. इसे 2016 में पूरा होना था, लेकिन धीमी रफ्तार के कारण इसे 2019 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था. इसमें करीब 5.52 किमी लंबा पुल और 45.74 किमी लंबा एप्रोच रोड बनना था.
इस पुल की चौड़ाई करीब 28 मीटर होगी. यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर वर्ष 2011 में शुरू हुई थी. वहीं ,गंगा पर बन रहे बख्तियारपुर-ताजपुर पुल का काम पहले वर्ष 2016 में ही पूरा होना था. कार्य पूरा करने का समय बढ़ाकर 2019 कर दिया गया. ऐसे में दोबारा समय बढ़ाने पर भी परियोजना का काम अधूरा है.