पटना : पटना विश्वविद्यालय से पीएचडी कोर्स वर्क में नामांकन के लिए 31 जनवरी तक आवेदन किया जा सकता है. इसकी अधिसूचना गुरुवार को जारी कर दी गयी है. इसमें वैसे छात्र आवेदन कर सकते हैं, जो विवि पीएचडी एंट्रेंस टेस्ट (पैट) उत्तीर्ण हैं, या फिर नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण हैं.
सीटों के अनुसार ही कोर्स के लिए नामांकन लिया जायेगा. इससे पूर्व साक्षात्कार का आयोजन भी किया जायेगा. पैट, नेट, जेआरएफ में प्राप्त अंकों और साक्षात्कार और एकेडमिक्स पर आधारित अंकों व आरक्षण के नियमों के अनुरूप ही मेरिट लिस्ट तैयार की जायेगी.
मेरिट लिस्ट में जो छात्र चयनित होंगे उनका एक तरह से प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन कर कोर्स वर्क कराया जायेगा जो छह महीने का होगा. इसके बाद कोर्स वर्क की परीक्षा होगी. इसमें एक पेपर रिसर्च मेथेडलॉजी व एक पेपर संबंधित विषय से होगा. इसमें 55 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य है.
इसके बाद ही छात्र को सिनॉप्सिस (शोध प्रस्ताव) लिया जायेगा. शोध प्रस्ताव लिये जाने के बाद उसे डिपोर्टमेंट काउंसिल से स्वीकृति के साथ संबंधित संकाय के डीन के पास भेजा जायेगा. वहां से स्वीकृति के बाद उसे पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च काउंसिल (पीजीआरसी) में स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जायेगा.
शोध के लिए अब तीन वर्षों का समय : शोध के लिए अब तीन वर्ष का समय छात्रों के पास होगा. उस अवधि में शोध पूरा नहीं होने पर एक या दो वर्ष बढ़ा भी सकते हैं. लेकिन अगर इसके बाद भी शोध प्रबंध (थिसिस) जमा नहीं होता है तो छात्र डिग्री से वंचित रह जायेंगे.
