आइआइटी कैंपस फायरिंग मामले में ठेकेदार, मंुशी सहित छह पर केस
बिहटा : एक दिन पूर्व आइआइटी पटना के बिहटा कैंपस में हुई फायरिंग मामले में मेठ कटिहार निवासी मो अनवारुल हक ने पुलिस को बताया कि विवाद पहले कुछ काम को लेकर हुआ था. नौबतपुर के छितनी गांव का रहने वाला देवकुमार अपना वर्चस्व कायम करने के लिए अक्सर मजदूरों पर रौब झाड़ते रहता था.
बुधवार की रात वह अपने गुर्गों के साथ बैठकर कैंपस में ही शराब पी रहा था. खाना खत्म होने के बाद शराब की बोतल व जूठा फेंकने के लिए बुलाया. इस पर उसने आपत्ति जतायी तो गाली-गलौज शुरू कर दी. विरोध किया तो पिस्टल से फायरिंग करना शुरू कर दिया.आइआइटी में फायरिंग के दौरान जख्मी हुए तीन मजदूरों में दो सहोदर भाई व तीसरा उसका पिता है. आइआइटी जैसे संस्थान में गेट से आने जाने वालों का कोई रिकॉर्ड नहीं हो. पुलिस टीम ने गेट पर सिक्युरिटी रजिस्टर को खंगाला. जिसमें आरोपित ठेकेदार देव कुमार का आने जाने का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला.दो साल पूर्व आइआइटी की सुरक्षा के मद्देनजर भेजे गये अधिकारी व जवान बिहटा थाना में ड्यूटी बजा रहे हैं.
