लापरवाही बरतने के आरोप में दो दर्जन पदाधिकारी रडार पर
पटना : राज्य में विधि-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के कार्यों को मुस्तैदी से अंजाम देने के लिए अनुमंडल से लेकर जिला मुख्यालय तक तैनात सभी डीएसपी की स्कैनिंग चल रही है. पुलिस मुख्यालय खासकर वैसे डीएसपी के कार्यों का मूल्यांकन कर रहा है, जो एक वर्ष या इससे ज्यादा समय से एक ही स्थान पर तैनात हैं. इनमें अब तक करीब दो दर्जन ऐसे एसडीपीओ या डीएसपी चिह्नित किये जा चुके हैं, जो मुख्यालय के रडार पर हैं. वजह है, इनके कार्यों में लापरवाही पाया जाना या पद का दुरुपयोग या किसी तरह के भ्रष्टाचार में शामिल होना.
कार्यों का किया जा रहा आकलन
राज्य के सभी डीएसपी के जिम्मे जो भी कार्य आवंटित हैं, उनकी समुचित समीक्षा की जा रही है. इनके पास लंबित पड़े मामलों के निबटारे की स्थिति, बड़े कांडों या मामलों का अनुसंधान, उनके क्षेत्र में विधि-व्यवस्था की स्थिति, फरार अपराधियों खासकर कुख्यातों के गिरफ्तारी की स्थिति, केसों के अनुसंधान की स्थिति समेत अन्य सभी पहलुओं की समुचित जांच के आधार पर सभी पदाधिकारी के कार्यों का मूल्यांकन किया जा रहा है. आपराधिक गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए यह बेहद जरूरी है कि थाने के अलावा डीएसपी स्तर पर इनके कार्यों की समुचित समीक्षा की जाये.
राज्य में विधि-व्यवस्था को दुरुस्त करने और लंबित मामलों का निबटारा तेजी से करने के लिए बड़े अनुमंडल क्षेत्रों या जिलों में अपर एसडीपीओ की तैनाती की जा रही है. ऐसे 43 स्थानों को चिह्नित किया जा चुका है, जहां अपर एसडीपीओ की तैनाती जल्द कर दी जायेगी. पुलिस मुख्यालय इनके कार्यावंटन और पदस्थापना को लेकर अंतिम दौर की कसरत करने में जुटा हुआ है. जल्द ही यह तय कर लिया जायेगा कि पहले से तैनात एसडीपीओ और नये तैनात अपर एसडीपीओ क्या-क्या काम करेंगे. इनके बीच कार्यों का स्पष्ट रूप से विभाजन कर दिया जायेगा. ताकि किसी तरह के असमंजस की स्थिति नहीं रहे .
