बिहार के हर अस्पताल की बगल में बनेगी धर्मशाला : नीतीश कुमार

व्यवस्था ऐसी हो कि इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े समस्तीपुर : राज्य के सभी अस्पतालों की बगल में धर्मशाला बनवायी जायेगी, ताकि इलाज के लिए आये मरीजों के परिजनों को ठहरने में असुविधा नहीं हो. यह घोषणा बुधवार को समस्तीपुर के नरघोघी में श्रीराम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री […]

व्यवस्था ऐसी हो कि इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े
समस्तीपुर : राज्य के सभी अस्पतालों की बगल में धर्मशाला बनवायी जायेगी, ताकि इलाज के लिए आये मरीजों के परिजनों को ठहरने में असुविधा नहीं हो. यह घोषणा बुधवार को समस्तीपुर के नरघोघी में श्रीराम जानकी चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल का शिलान्यास करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने की.
मुख्यमंत्री ने 21 एकड़ भूमि में 591.77 करोड़ की लागत से बनने वाले मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नींव रखी और कहा कि तीन वर्ष में मेडिकल कॉलेज के भवन निर्माण का काम पूरा करा लिया जायेगा.
इस मौके पर आयोजित सभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में चिकित्सा व्यवस्था को इस स्तर पर लाया जा रहा है कि यहां लोग शौक से ही कहीं बाहर इलाज के लिए जायेंगे.
किसी भी मरीज को मजबूरी मे इलाज के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी़. उसे बिहार में ही हर तरह की चिकित्सा सुविधा मुहैया करायी जायेगी. बिहार में सात निश्चय योजना के तहत चिकित्सा व्यवस्था पर दो हजार 816 रुपये खर्च किये जायेंगे. पांच नये मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. इसके अलावा सभी जिलों में इंजीनियरिंग कॉलेज, पोलिटेक्निक कॉलेज, पारा मेडिकल, जीएनएम ट्रेनिंग कॉलेज, महिला आइटीआइ कॉलेज, सभी अनुमंडलों में आइटीआइ और एएनएम ट्रेनिंग कॉलेज खोले जा रहे हैं.
सूबे में प्रति इकाई 13 करोड़ 35 लाख की लागत से 23 जीएनएम ट्रेनिंग कॉलेज, प्रति इकाई 6 करोड़ 33 लाख की लागत से 54 एएनएम ट्रेनिंग, प्रति इकाई 26 करोड़ 36 लाख की लागत से 16 नर्सिंग कॉलेज, प्रति इकाई 9 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से 33 पारा मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं. शिलान्यास समारोह को बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी, बिहार विधानसभा के अध्यक्ष विजय कुमार कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, गन्ना विकास मंत्री बीमा भारती, राज्यसभा सांसद रामनाथ ठाकुर, समस्तीपुर सुरक्षित लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रिंस राज, स्वास्थ्य विभाग के प्रधानसचिव संजय कुमार ने संबोधित किया़
अस्पताल निर्माण को विवाद का मुद्दा नहीं बनाएं : नीतीश
मुख्यमंत्री ने नरघोघी में बनने वाले मेडिकल कॉलेज, अस्पताल को विवाद का मुद्दा नहीं बनाने को कहा है. उन्होंने कहा कि सरायरंजन व नरघोघी समस्तीपुर में ही है. समस्तीपुर का मतलब सिर्फ समस्तीपुर शहर नहीं है. उन्होंने किसी का नाम लिये बगैर राजद के विधायक और कांग्रेस नेता को नरघोघी में मेडिकल कॉलेज बनने का विरोध करने पर आड़े हाथों लिया़.
उन्होंने कहा कि समस्तीपुर सहित पूर्णिया और सारण में मेडिकल कॉलेज का निर्णय 2012 का है. पूर्णिया और सारण का काम शुरू है. जमीन के अभाव में समस्तीपुर का मामला अटक रहा था़. नरघोघी में अगर जमीन उपलब्ध नहीं होती तो मेडिकल कॉलेज अधर में चला जाता. काम शुरू हुआ इस पर खुशी प्रकट करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि बिहार 15 वर्षों तक पति-पत्नी की सरकार थी, उससे पूर्व कॉग्रेस की सरकार थी तो क्यों नहीं मेडिकल कॉलेज बना़. उन्होंने अपनी सरकार के एक मंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की़
समस्तीपुर में मेडिकल कॉलेज अस्पताल का शिलान्यास
मेडिकल कॉलेज के निकट बनेगी सौ बेडों की धर्मशाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि नरघोघी मेडिकल के बगल में सौ बेड की धर्मशाला भी बनायी जायेगी, ताकि दूर-दराज से इलाज के लिए आने वाले मरीज के परिजनों को ठहरने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़े. मेडिकल कॉलेज तक आने वाली सड़कों को भी बेहतर बनाया जायेगा. मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक वर्ष एमबीबीए कोर्स के लिए सौ छात्र-छात्राओं का दाखिला होगा. इसके साथ ही पांच सौ बेड का अस्पताल बनाया जायेगा़ . इस मेडिकल कॉलेज के निर्माण पर आने वाले खर्च में केंद्र से 113.40 करोड़ रुपये मिले हैं, वहीं राज्य सरकार 478.37 करोड़ रुपये खर्च कर रही है.

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