पटना : राज्य में निवेश को इच्छुक 353 लोगों ने अब तक उद्योग विभाग से आधिकारिक जानकारी ली है. पिछले साल 2018-19 में उद्योगमित्र विंग से 1834 लोगों ने निवेश को लेकर जानकारी ली थी. सरकार ने करीब डेढ़ दशक पहले इस विंग का निर्माण निवेशकों को तकनीकी परामर्श मुहैया कराने के लिए किया था. चालू वित्त वर्ष 2019-20 में औद्योगिक योजनाओं की जानकारी लेने के लिए 353 लोगों ने संपर्क साधा है. यह पूछताछ निवेश में तब्दील हुई की नहीं, यह उद्योग विभाग को फिलहाल इसकी जानकारी नहीं है.
जानकारी के मुताबिक उद्योग मित्र प्रकोष्ठ, निवेश के इच्छुक उन लोगों को बिना शुल्क सलाह और तकनीकी मदद मुहैया कराती है, जो प्रदेश में निवेश करना चाहते हैं.
पिछले तीन सालों में सबसे ज्यादा निवेशकों ने इस प्रकोष्ठ से सलाह ली थी. प्रदेश में इस प्रकोष्ठ की स्थापना 2004-05 मेें हुई थी. शुरुआती दौर में इस प्रकोष्ठ ने औद्योगिक निवेश खासतौर पर स्टार्टअप और लघु मध्यम और सूक्ष्म इकाई की स्थापना में खासा योगदान दिया था.
आंकड़ों का विश्लेषण करें तो जाहिर होता है कि 2012-13 से लेकर 2016-17 तक उद्योग मित्र में जानकारी लेने आये विजिटर की संख्या लगातार बढ़ती गयी.
2018-19 में यह संख्या कुछ औद्योगिक मेलों की वजह से 2017-18 की तुलना में दो गुना से भी ज्यादा हो गयी.
निवेशकों को तकनीकी परामर्श देता है विंग
फिलहाल 2004-05 से लेकर अब तक उद्योगमित्र प्रकोष्ठ के लाभार्थियों की संख्या इस प्रकार है
वित्तीय वर्षलाभार्थी
2019-20353 अब तक
2018-19 1834
2017-18 819
वित्तीय वर्षलाभार्थी
2016-17 1098
2015-16 906
2014-15 664
