पटना : विधानसभा उपचुनाव में दरौंदा से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह का भाजपा में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ संजय जायसवाल ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि भाजपा में आने के लिए कई स्वतंत्र है. पार्टी में शामिल होने वालों का स्वागत है. व्यास सिंह ने भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं सहित उनसे मुलाकात की है.
व्यास सिंह के भाजपा में जाने का रास्ता साफ
पटना : विधानसभा उपचुनाव में दरौंदा से निर्दलीय चुनाव जीतने वाले कर्णजीत सिंह उर्फ व्यास सिंह का भाजपा में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है. पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डाॅ संजय जायसवाल ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा कि भाजपा में आने के लिए कई स्वतंत्र है. पार्टी में शामिल होने […]

उन्होंने कहा कि भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार पांच नवंबर को जेपी नड्डा बिहार आयेंगे. वे पार्टी के वरिष्ठ नेता कैलाशपति मिश्र की पुण्यतिथि के अवसर पर राजधानी के बापू सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ संजय जायसवाल ने बताया कि व्यास सिंह भाजपा के जिला उपाध्यक्ष थे.
कार्यशैली के आकलन की जरूरत : संजय जायसवाल
पटना. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने शनिवार पार्टी कार्यकर्ताओं को उपचुनाव के बाद कार्यशैली के आकलन की जरूरत बताया है. उन्होंने कहा कि बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में भी उपचुनाव हुए, लेकिन वहां एनडीए 80 फीसदी सीट जीतने में सफल रही. फिर, बिहार में ऐसा क्या हुआ कि जिनके शासन की भयावह यादें आज भी लोगों के रोम-रोम में सिहरन पैदा करती हैं, वह भी दो स्थानों पर जीत गये.
संजय जायसवाल ने ब्लॉग में किशनगंज सहित सभी बूथ कार्यकर्ताओं की सराहना की है. उन्होंने कहा है कि दरौंदा में भाजपा और जदयू कार्यकर्ताओं का सम्मिलित विद्रोह हुआ था. यदि हम बेलहर में समझाने में सफल नहीं होते तो वहां भी कुछ ऐसे ही परिणाम देखने को मिल सकते थे.
आज भी गोपालगंज में जदयू के पूर्व विधायक सरकारी भ्रष्टाचार के खिलाफ धरने पर बैठते हैं, लेकिन ऐसा ही अगर भाजपा के किसी पूर्व विधायक ने किया होता तो मुझ पर उसके निष्कासन का दबाव होता.
उन्होंने कहा कि 2010 के विधानसभा चुनावों में बेहतर कानून-व्यवस्था के आधार पर हम तीन चौथाई से ज्यादा बहुमत प्राप्त करने में सफल हुए थे. साथ ही उस समय भाजपा-जदयू के कार्यकर्ताओं के परस्पर सहयोग से प्रत्येक प्रखंड में आम लोगों के शासन-प्रशासन संबंधी काम आसानी से हो जाते थे. आज हमें इन दोनों मसलों पर आत्म विवेचना की जरूरत है.