चौर की खुदाई वाली मिट्टी चिमनी मालिकों को ईंट बनाने को मिले

पटना : बिहार ईंट निर्माता संघ ने चौर की खुदाई वाली मिट्टी चिमनी मालिकों को ईंट बनाने के लिए दिये जाने की मांग की है. मंगलवार को एसके मेमोरियल में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में संघ के अध्यक्ष मुरारी कुमार मन्नु ने कहा कि सरकार के अधीन चौर की करारी जमीन कृषि अवधि में पानी […]

पटना : बिहार ईंट निर्माता संघ ने चौर की खुदाई वाली मिट्टी चिमनी मालिकों को ईंट बनाने के लिए दिये जाने की मांग की है. मंगलवार को एसके मेमोरियल में आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में संघ के अध्यक्ष मुरारी कुमार मन्नु ने कहा कि सरकार के अधीन चौर की करारी जमीन कृषि अवधि में पानी में डूबा रहता है, जो मार्च महीने में जा कर सूखता है. पता चला है कि सकार वैसी जमीन का भू-जल संरक्षण के लिए खुदाई करवाने जा रही है.

यदि इस खुदाई में प्राप्त मिट्टी चिमनी मालिक को ईंट बनाने के लिए दिया जाता है तो सरकार को खुदाई में लगने वाले राजस्व बचत के साथ-साथ मिट्टी का मूल्य भी प्राप्त हो सकता है. महासचिव संजीव कुमार ने कहा कि विभिन्न योजनाओं में मिट्टी खनन का कार्य होता है. ऊपरी परत आधारित या सिल्ट आधारित इकाइयां ईंट निर्माण में पुरानी पद्धति है.
बहुत सारी इकाईयां, गंगा, पुनपुन, कोसी या सहायक नदियों के किनारे अवस्थित हैं. बरसात के समय इन नदियों का बहाव काफी चौड़ाई में होता है. बरसात के बाद चौड़ाई कम होने पर मीलों जमीन खाली हो जाती है. इसमें फसल नहीं उगने के कारण खाली जमीन के मिट्टी का उपयोग ईंट बनाने के लिए किया गया गड्ढ़ा बरसात में आयी हुई पानी के बहाव से नदी के गाद से भर जाती है.
अगले साल इस गाद का उपयोग ईंट बनाने में आता है. ईंट व्यवसायियों से नदी में मिट्टी उत्खनन कराकर इस परियाेजना के खर्च को कम किया जा सकता है. सम्मेलन को संघ के झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष अनंत नाथ सिंह, आल इंडिया विक्रय संघ के देवेंद्र भाई प्रजापति, विजय कुमार गाेयल, अतुल कुमार सिंह, महेंद्र भाई प्रजापति समेत कई लोग उपस्थित रहे.
इन मांगाें को रखा
– सादा भट्ठे वाले को एक साल का और समय दिया जाये.
– सरकारी दर पर कोयला जल्द-से-जल्द देने की तिथि तय की जाये.
-ईंट-भट्ठे को बैंक लोन मुहैया कराया जाये.

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat khabar digital desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >