राज्यपाल से ध्यान देने और उनकी मान्यता बहाल करने का कर रहे थे आग्रह
पटना : बीएड सेशन 2018-20 के छात्र जिनका पंजीयन पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने खारिज किया, आज अपनी बात बृहद रूप में रखने के लिए गांधी मैदान और राजभवन के समक्ष प्रदर्शन किया. उनकी मांग थी कि उनका पंजीयन मान्य करने के विषय में पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय या नालंदा विश्वविद्यालय कोई बात नहीं सुन रहा. अतः वे इस मुद्दे पर राज्यपाल से ध्यान देने व उनकी मान्यता बहाल करने का आग्रह कर रहे थे.
मालूम हो कि पाटलिपुत्र विश्वविध्यालय के मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों ने कुल 700 छात्रों को नामांकन नालंदा विश्वविद्यालय के द्वारा दिये गये मापदंड के अनुसार नहीं लिया. छात्रों ने कहा कि महाविद्यालयों ने तो छात्रों को झांसे में रखा ही तत्पश्चात पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय ने भी इन छात्रों का पंजीयन करके इन्हें भ्रम की स्थिति बनाये रखा. अब जब इन छात्रों के प्रथम वर्ष के परीक्षा का समय आया है तो परीक्षा फॉर्म भरने के दौरान उनका पंजीयन गलत बताया जा रहा है.
विश्वविद्यालय प्रशासन और महाविद्यालय प्रशासन एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. इनके बीच छात्रों का भविष्य अटका हुआ है. छात्रों का विवि प्रशासन पर आरोप है कि अगर पंजीयन के समय ही उन्हें यह बता दिया गया होता कि उनका नामांकन वैध नहीं है तो वे सत्र 19-21 में नामांकन ले सकते थे. मगर इस कारण उनका दो वर्ष का नुकसान हो गया. छात्रों ने उनके भविष्य से इस तरह खिलवाड़ करने पर सामूहिक आत्महत्या कि धमकी दी है. प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल थे.
