पटना : उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले राजेंद्र सेतु पर भारी वाहनों का आवागमन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. पुल में दरार पाये जाने के बाद पथ निर्माण विभाग ने एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया है. अब राजेंद्र पुल पार कर बेगूसराय पहुंचने के लिए भारी वाहनों के लिए दो विकल्प रह गये हैं.
उन्हें महात्मा गांधी सेतु पार कर जनदाहा-मुसरीघरारी होते हुए बेगूसराय पहुंचना होगा. वहीं दक्षिण से उत्तर बिहार जाने वाले या उत्तर से दक्षिण बिहार आने वाले भारी वाहनों को दूसरे विकल्प में विक्रमशिला पुल पार कर बेगूसराय पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी होगी.
महात्मा गांधी सेतु पर मरम्मत का काम चलने और एक लेन बंद होने से पहले से ही वाहनों का भारी दबाव है. पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव अमृत लाल मीणा ने कहा कि राजेंद्र सेतु क्षतिग्रस्त होने पर भारी वाहनों का आवागमन अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है. इसे जल्द शुरू करने के लिए मरम्मत की व्यवस्था की जा रही है. यह काम रेलवे और एनएचएआइ के सहयोग से किया जा रहा है.
मोकामा के राजेंद्र सेतु पर बढ़ रहा वाहनों का दबाव
गंगा नदी पर बिहार का पहला रेल सह सड़क पुल राजेंद्र सेतु का उद्घाटन 1959 में हुआ था. उस समय पुल पर वाहनों का आवागमन कम था. इसलिए इसकी वाहन क्षमता करीब 16 टन थी. बाद में वाहनों का आवागमन बढ़ने और पुल क्षतिग्रस्त होने पर इसकी मरम्मत की गयी.
इसकी वाहन क्षमता करीब 32 टन हो गयी. इसके बावजूद उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच वाहनों का आवागमन बढ़ने और गंगा नदी पर सीमित पुल होने के कारण राजेंद्र सेतु पर दबाव जारी रहा.
